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केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समिट में कहा, कि इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 पर ‘भारत की पहचान दुनिया भर में स्वीकार की जा रही है. जिसमें 70 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे. युवाओं की भारी भीड़ थी, उन्होंने भारत की वैश्विक पहचान पर जोर दिया.
सूचना एवं प्रसारण के वेव्स पवेलियन में युवा अधिक रुचि दिखा रहे थे.
पूरे दिन करीब 70 हजार से ज्यादा लोग एआई समिट में पहुंचे. इसमें खास बात यह रही कि युवाओं की संख्या सबसे अधिक रही. जो केवल दिल्ली एनसीआर से नहीं, पूरे देश से युवा थे. कश्मीर से लेकर तमिलनाडु तक, गुजरात से लेकर असम तक युवा पहुंच रहे थे.
समिट में सुबह से ही भीड़ जुटती शुरू हो गयी थी.
हाल एक लेकर पांच तक सभी में एआई एक्जीबिशन लगी हुई है. युवा हर स्टाल में जाकर अधिक से अधिक जानकारी लेने में जुटे थे. यहां पर स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, सुरक्षा सभी के स्टाल लगे थे और उनमें एआई का तकनीक का इस्तेमाल का डेमो किया जा रहा था. समिट में सुबह से ही स्टार्टअप्स, नीति-निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की भारी मौजूदगी रही. साफ दिखा कि इस बार फोकस केवल तकनीक के प्रदर्शन तक सीमित नहीं था, बल्कि AI के जिम्मेदार उपयोग, डेटा सुरक्षा, नैतिकता और रोजगार पर प्रभाव जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई.
समिट में हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, एजुकेशन और गवर्नेंस में एआई के प्रयोगों की लाइव डेमो और केस स्टडीज़ दिखाया गया. खास तौर पर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और किसानों के लिए विकसित AI टूल्स ने लोगों का ध्यान खींचा. कई स्टार्टअप्स ने दावा किया कि उनके समाधान ज़मीनी स्तर पर पहले से असर दिखा रहे हैं.
दुनिया भर के विशेषज्ञ भारत में मौजूद
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने समिट में कहा, कि इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 पर ‘भारत की पहचान दुनिया भर में स्वीकार की जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की वैश्विक पहचान को और मजबूत किया है, जो एक उपलब्धि है और इसका परिणाम है. आज दुनिया भर के विशेषज्ञ भारत में मौजूद हैं और एआई पर चर्चा करने के लिए यहां आए हैं.’
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