नई दिल्ली. भारत में एक्सप्रेसवे नेटवर्क तेजी से देश की इकॉनमी और ट्रांसपोर्ट सिस्टम की रीढ़ बन रहा है. नए और मौजूदा एक्सप्रेसवे लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटा रहे हैं और शहरों के बीच सफर को तेज बना रहे हैं. 2026 तक कई बड़े प्रोजेक्ट ऑपरेशनल या फाइनल स्टेज में पहुंच चुके हैं.
1. अहमदाबाद धोलेरा एक्सप्रेसवे (Ahmedabad Dholera Expressway) फेज वन की लंबाई 93 किलोमीटर है और यह अहमदाबाद से धोलेरा गुजरात को जोड़ता है. यह फेज वन में ऑपरेशनल हो चुका है.

2. ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (Eastern Peripheral Expressway) की लंबाई 135 किलोमीटर है और यह दिल्ली एनसीआर को बाईपास करता है. यह पूरी तरह ऑपरेशनल है.

3. यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) की लंबाई 165 किलोमीटर है और यह ग्रेटर नोएडा से आगरा उत्तर प्रदेश को जोड़ता है. यह साल 2012 से ऑपरेशनल है.
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4. बेंगलुरु चेन्नई एक्सप्रेसवे (Bengaluru Chennai Expressway) की लंबाई 258 किलोमीटर है और यह बेंगलुरु से श्रीपेरंबुदूर को जोड़ता है. यह प्रोजेक्ट 70 प्रतिशत से ज्यादा पूरा हो चुका है और 2026 में पूरा होने की उम्मीद है.

5. आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे (Agra Lucknow Expressway) की लंबाई 302 किलोमीटर है और यह आगरा से लखनऊ उत्तर प्रदेश को जोड़ता है. यह साल 2016 से ऑपरेशनल है.

6. बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway) की लंबाई 296.07 किलोमीटर है और यह चित्रकूट से एटा उत्तर प्रदेश को जोड़ता है. यह साल 2022 से ऑपरेशनल है.

7. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (Purvanchal Expressway) की लंबाई 340.8 किलोमीटर है और यह लखनऊ से गाजीपुर उत्तर प्रदेश को जोड़ता है. यह साल 2021 से ऑपरेशनल है.

8. दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway) की प्लांड लंबाई 1386 किलोमीटर है और यह दिल्ली से मुंबई को पांच राज्यों से होकर जोड़ता है. लगभग 1000 किलोमीटर हिस्सा ऑपरेशनल हो चुका है और पूरा प्रोजेक्ट 2027 से 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है.
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