Fastag News- सड़क परिवहन मंत्रालय एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों को राहत देने के लिए आटोमैटिक टोल वसूली शुरू करने जा रहा है. सवाल यह उठता है कि जब गाड़ी के नंबर को रीड कर कैमरा रीड करेगा तो फास्टैग लगाने की आवश्यकता होगी या नहीं. जानते हैं मंत्रालय का क्या कहना है?
अगले माह से कैमरा आधारित टोल वसूली होगी शुरू.
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसर देश के 1.5 लाख किलोमीटर लंबे नेशनल हाइवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क में से करीब 45,000 किलोमीटर पर टोल वसूला जा रहा है. देशभर में 1000 से अधिक टोल प्लाजा हैं. इनमें से कई टोल प्लाजा में वाहनों की लाइन लग जाती है. खासकर उस दौरान ज्यादा समय लगता है, जब किसी वाहन में फास्टैग नहीं लगा होता या फिर वो ब्लाक हो गया हो. इस दौरान वेटिंग टाइम भी बढ़ जाता है.
मंत्रालय का क्या है नया प्लान
सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार देश में टोल बैरियर खत्म किए जाएंगे. जीपीएस आधारित तकनीक से भी टोल नहीं वसूला जाएगा. एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकगनिशन) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. मंत्रालय के अनुसार इसके लिए कुछ जगह टेंडर भी जारी किए गए हैं. इसी तकनीक से देशभर में टोल वसूला जाएगा.
फास्टैग लगाना होगा क्या
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार कैमरे से टोल वसूली का काम शुरू होने के बाद भी वाहन चालकों को फास्टैग लगाना होगा. जिस तरह अभी जैसे कटते हैं, आगे भी कटते रहेंगे. क्योंकि तमाम वाहन चालकों का फास्टैग अकाउंट से सीधा लिंक नहीं है. वालेट से ही चार्ज कटता हैं. इसलिए अभी ऑटोमैटिक टोल वसूली शुरू होने के बाद भी पहले जैसे व्यवस्था लागू रहेगी.
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