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3 से 5 दिसंबर, 2025 के बीच नए नियमों के कारण इंडिगो की 2507 फ्लाइट कैंसिल और 1852 फ्लाइट लेट हुई थीं।
भारत के 61% हवाई यात्रियों का मानना है कि इंडिगो एयरलाइन पर लगाया गया ₹22.20 करोड़ का जुर्माना और उसके खिलाफ की गई कार्रवाई काफी नहीं है। लोकलसर्कल्स के एक सर्वे के मुताबिक यात्रियों का मानना है कि यह सजा उस मानसिक और आर्थिक परेशानी के मुकाबले कुछ भी नहीं है जो उन्होंने झेली थी।
3 से 5 दिसंबर, 2025 के बीच नए नियमों के कारण इंडिगो की 2507 फ्लाइट कैंसिल और 1852 फ्लाइट लेट हुई थीं। इस कारण 3 लाख से ज्यादा यात्रियों को परेशानी हुई थी। इसके बाद डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया था।
कार्रवाई इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए काफी नहीं
कार्रवाई के बाद हुए सर्वे में 292 जिलों के 31,000 से ज्यादा हवाई यात्रियों ने हिस्सा लिया। ट्रैवलर्स ने बताया कि ये छोटी पेनाल्टी भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए काफी नहीं है। हालांकि 21% लोगों ने कार्रवाई को पूरी तरह सही बताया और 18% ने कोई क्लियर आंसर नहीं दिया।
इसके अलावा सर्वे में शामिल कई पैसेंजर्स ने आरोप लगाया कि फ्लाइट कैंसिल होने के बाद इंडिगो ने उन्हें कानूनी रूप से मिलने वाला कैश रिफंड देने के बजाय ट्रैवल वाउचर थमा दिए।

इंडिगो ने 68 दिन तक नियमों को नहीं माना
जुर्माना एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के रूल 133A के तहत लगाया गया है। इसके तहत कुल जुर्माना ₹1.80 करोड़ है, लेकिन FDTL नियमों का 68 दिन तक पालन नहीं करने पर प्रतिदिन ₹30 लाख का जुर्माना लगाया गया। जिसकी राशि ₹20.40 करोड़ है। इस तरह कुल जुर्माना ₹22.20 करोड़ हुआ।
इंडिगो ने कहा है कि वह DGCA के सभी आदेशों को पूरी तरह मानेंगी। जो भी जरूरी सुधार होंगे, समय पर किए जाएंगे। कंपनी के बोर्ड और मैनेजमेंट का कहना है कि हाल की घटना के बाद काम करने के तरीकों, सिस्टम और संचालन को मजबूत बनाने के लिए अंदरूनी तौर पर पूरी जांच और समीक्षा की जा रही है।

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इंडिगो एयरलाइंस ने पिछले 4 दिनों में 1700 से ज्यादा फ्लाइट कैंसिल कर यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। लेकिन ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। लोकलसर्किल्स के सर्वे के मुताबिक पिछले एक साल में इस कंपनी के खिलाफ शिकायतें 63% बढ़ गई हैं। पूरी खबर पढ़ें
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