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Japan Oil Stock: मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग से तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. यह 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है. इस बीच जापान के पास 44 करोड़ बैरल तेल का रणनीतिक भंडार है, जो 204 दिनों की जरूरत पूरी कर सकता है. भारत के पास 25 करोड़ बैरल तेल भंडार है. वहीं चीन ने एक अरब बैरल से अधिक का भंडार बना रखा है.
जापान ने कच्चे तेल का विशाल रणनीतिक भंडार बना रखा है.
लेकिन, दुनिया में कई ऐसे देश हैं जो भारत की तरह खुद तो तेल का उत्पादन नहीं करते लेकिन, वह इस संकट से परेशान नहीं हैं. क्योंकि उनके पास तेल का कृत्रिम भंडार है. इस सूची में अमेरिका और चीन जैसे सुपर पावर से शामिल हैं ही. दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कृत्रिम तेल भंडार जापान के पास है. उसने करीब 44 करोड़ बैरल तेल का भंडार बना रखा है. इसमें से 26 करोड़ बैरल तेल को जापान की सरकार ने अपने अलग-अलग 10 साइटों पर जमा कर रहा है. तेल से भरे ये टैंक धरती के भीतर, जमीन पर, पानी में और पहाड़ी गुफाओं के बीच रखे गए हैं. इसके अलावा जापान सरकार की सऊदी अरब, यूएई और कुवैत के साथ समझौता है. इसके तहत वहां भी जापानी तेल पड़े हैं. इन देशों में 17.8 करोड़ बैरल तेल हैं. इस तरह जापान के पास 44 करोड़ बैरल तेल है जो उसकी 204 दिनों की जरूरत को पूरा कर सकता है.
यानी अगले 100, 150 या 200 दिनों तक मध्य पूर्व में जंग चलती है तो भी जापान पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा. क्योंकि जापान ने तेल का यह रणनीतिक भंडार इसी दिन के लिए बनाकर कर रखा है. ऐसे में कीमत बढ़ने की स्थिति में जापान अपने इस तेल का इस्तेमाल करेगा. इससे वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 500 डॉलर प्रति बैरल हो जाए तो भी परेशान नहीं होगा. क्योंकि किसी भी स्थिति में दुनिया मध्य पूर्व में भड़की इस जंग को ज्यादा दिनों तक झेलने की स्थिति में नहीं है. यह जंग अगले कुछ सप्ताह में निश्चित तौर पर खत्म हो जाएगी.
भारत के पास कितना है भंडार
जापान के रणनीतिक तेल भंडार को देखने के बाद आपके मन में सहज ही यह सवाल उठ रहा होगा कि क्या भारत के पास भी ऐसी कोई रणनीति है. तो इसका जवाब जी हां. भारत के पास इस वक्त करीब 25 करोड़ बैरल तेल भंडार है जो इसकी सात से आठ सप्ताह की जरूरत को पूरा कर सकता है. भारत अपनी इस भंडारण क्षमता का तेजी से विस्तार भी कर रहा है.
चीन-अमेरिका के पास कितना है भंडार
रिपोर्ट के मुताबिक चीन के पास दुनिया का सबसे बड़ा रणनीतिक तेल भंडार है. उसने करीब 1.1 से 1.3 अरब बैरल का रणनीतिक तेल भंडार बना रखा है. यानी भारत की तुलना में उसके पास चार से पांच गुना अधिक रणनीतिक तेल भंडार है. इस भंडार चीन के 100 से 130 दिनों के भीतर आयात किए जाने वाले कुल कच्चे तेल के करीब-करीब बराबर है. वहीं अमेरिका के पास करीब 42 करोड़ बैरल रणनीतिक तेल भंडार है. हालांकि उसके पास क्षमता करीब 72 करोड़ बैरल तेल भंडार की है.
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न्यूज18 हिंदी में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत. मीडिया में करीब दो दशक का अनुभव. दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, आईएएनएस, बीबीसी, अमर उजाला, जी समूह सहित कई अन्य संस्थानों में कार्य करने का मौका मिला. माखनलाल यूनिवर्स…और पढ़ें
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