Air India VT-ALL : वीटी-ऑल फरवरी 2020 से ही गंभीर तकनीकी खामियों और पुराने उपकरणों के कारण ग्राउंडेड था. यह जुलाई 2007 में एयर इंडिया के बेड़े में शामिल हुआ और करीब 13 साल अपनी सेवाएं दी. 2025 में इसकी मरम्मत का काम शुरू हुआ.
एयर इंडिया का वीटी-ऑल 2020 से ही गंभीर तकनीकी खामियों और पुराने उपकरणों के कारण ग्राउंडेड था. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
वीटी-ऑल फरवरी 2020 से ही गंभीर तकनीकी खामियों और पुराने उपकरणों के कारण ग्राउंडेड था. यह जुलाई 2007 में एयर इंडिया के बेड़े में शामिल हुआ और करीब 13 साल अपनी सेवाएं दी. साल 2025 में एयर इंडिया ने इसे दोबारा से अपने बेड़े में शामिल करने के लिए इसकी मरम्मत का काम शुरू किया. सालों तक जमीन पर खड़े रहने के कारण कई लोगों को लगा कि यह विमान अब कभी उड़ान नहीं भर पाएगा.
नागपुर में हुआ कायाकल्प
मई 2025 में इस विमान को एआईईएसएल (AIESL) के नागपुर स्थित मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल केंद्र भेजा गया. यहां शुरू हुआ इंजीनियरिंग का सबसे बड़ा ‘ऑपरेशन कायाकल्प’. इस रिस्टोरेशन प्रोग्राम के तहत विमान का लगभग हर हिस्सा बदला गया. विमान के इंजन (Engine), एपीयू (APU), फैन काउल (Fan Cowl) और थ्रस्ट रिवर्सर (Thrust Reverser) को पूरी तरह बदल दिया गया.
- 3000 से अधिक नए और महत्वपूर्ण पुर्जे लगाए गए.
- 4000 से ज्यादा छोटे-बड़े मेंटेनेंस कार्य पूरे किए गए.
- 80 अनिवार्य बदलाव किए गए जिनमें लॉन्गेरॉन मॉडिफिकेशन भी शामिल था.
एसी से लेकर लैंडिंग गियर तक सब रिपेयर
केवल विमान का इंजन ही नहीं बदला गया, बल्कि विमान के पूरे सिस्टम को नए सिरे से तैयार किया. एयर कंडीशनिंग लैंडिंग गियर हाइड्रोलिक्स, ऑक्सीजन और एवियोनिक्स (Avionics) सिस्टम को पूरी तरह रिपेयर किया गया. आज यह विमान अंदर और बाहर दोनों से एक बिल्कुल नए जहाज जैसा महसूस होता है.
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