साल 2025 में दुनिया भर में अरबपतियों की संख्या पहली बार 3,000 के पार पहुंच गई है और उनकी कुल संपत्ति बढ़कर 18.3 ट्रिलियन डॉलर हो गई है. दावोस में होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से पहले जारी ऑक्सफैम की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में अरबपतियों की संपत्ति सबसे तेजी से बढ़ी, जबकि बाकी दुनिया में भी डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई. रिपोर्ट बताती है कि 2025 में अरबपतियों की कुल संपत्ति में 16% की बढ़ोतरी हुई, जो 2020 के मुकाबले 81% यानी करीब 8.2 ट्रिलियन डॉलर ज्यादा है. इस लिस्ट में टॉप 10 में कौन-कौन शामिल है, ये आपको बताते हैं.
ऑक्सफैम ने बताया कि 2025 में अरबपतियों की कुल संपत्ति में 16% की बढ़ोतरी हुई. साल 2020 के मुकाबले यह संपत्ति 81% यानी करीब 8.2 ट्रिलियन डॉलर ज्यादा है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दुनिया के 12 सबसे अमीर लोगों के पास इतनी दौलत है, जितनी दुनिया की आधी आबादी यानी 4 अरब लोगों के पास भी नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, अरबपतियों की संपत्ति अब इतिहास के सबसे ऊंचे स्तर पर है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों के बढ़ते वैल्यूएशन ने भी अमीरों की दौलत बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाई है. नवंबर 2024 के बाद सिर्फ एक साल में संपत्ति बढ़ने की रफ्तार 16.2% रही, जो 2020 के बाद की औसत ग्रोथ से तीन गुना ज्यादा है.
दुनिया के टॉप 10 सबसे अमीर लोग (Forbes रियल टाइम लिस्ट)
- एलन मस्क (Tesla & SpaceX) – 779.6 अरब डॉलर
- लैरी पेज (Google) – 270 अरब डॉलर
- जेफ बेजोस (Amazon) – 249.8 अरब डॉलर
- सर्गेई ब्रिन (Google) – 249.1 अरब डॉलर
- लैरी एलिसन (Oracle) – 240.6 अरब डॉलर
- मार्क जुकरबर्ग (Meta/Facebook) – 212.8 अरब डॉलर
- बर्नार्ड अर्नॉल्ट और परिवार (LVMH) – 182.4 अरब डॉलर
- जेनसन हुआंग (NVIDIA) – 161.7 अरब डॉलर
- वॉरेन बफेट (Berkshire Hathaway) – 146.1 अरब डॉलर
- अमानसियो ऑर्टेगा (Zara) – 143.1 अरब डॉलर
एलन मस्क की दौलत
रिपोर्ट में एलन मस्क की संपत्ति पर खास ध्यान दिया गया है। अक्टूबर 2025 में एलन मस्क दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति बने, जिनकी संपत्ति 500 अरब डॉलर से ज्यादा हो गई। बाद में उनकी नेटवर्थ 600 अरब और फिर 700 अरब डॉलर के आंकड़े को भी पार कर गई. स्पेसएक्स के संभावित आईपीओ और टेस्ला के शेयरों में मजबूती से मस्क की दौलत में जबरदस्त उछाल आया. स्पेसएक्स में उनकी करीब 42% हिस्सेदारी है, जबकि टेस्ला में भी उनकी बड़ी हिस्सेदारी है.
भारत के टॉप 3 में कौन-कौन शामिल?
- मुकेश अंबानी(रिलायंस इंडस्ट्रीज) 104.6 अरब डॉलर
- गौतम अडानी(अडानी ग्रुप) 89.6 अरब डॉलर
- सावित्रि जिंदल (ओपी जिंदल ग्रुप) 40.2 अरब डॉलर
ऑक्सफैम के मुताबिक, दुनिया में संपत्ति का केंद्रीकरण अब तक के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया है. यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है, जब दुनिया भर की सरकारें भारी कर्ज, बढ़ती ब्याज दरों और सामाजिक योजनाओं पर खर्च के दबाव से जूझ रही हैं. दूसरी ओर, शेयर बाजार में तेजी और टेक्नोलॉजी में बदलाव का फायदा अमीर निवेशकों और बड़ी पूंजी रखने वालों को लगातार मिल रहा है. निवेशकों के लिए यह आंकड़े एक गहरे ट्रेंड की ओर इशारा करते हैं. पूंजी लगातार बड़ी कंपनियों, टेक्नोलॉजी और लंबे समय के स्ट्रक्चरल बदलाव से जुड़े एसेट्स की तरफ जा रही है.
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