1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले यूनियन बजट पर सोने-चांदी की कीमतों पर सबकी नजर रहेगी. पिछले बजट के बाद सोना लगभग 100% और चांदी करीब 250% महंगी हो चुकी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बजट में सोने पर कस्टम या इंपोर्ट ड्यूटी में बड़े बदलाव की संभावना कम है, क्योंकि पहले ही ड्यूटी घटाई जा चुकी है और आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. सरकार ड्यूटी बढ़ाने से भी फिलहाल बच सकती है, क्योंकि इससे कीमतें और ऊपर जा सकती हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि बजट में अगर कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ तो कीमतें स्थिर रह सकती हैं या छोटी गिरावट आ सकती है.
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बजट में सोने पर कस्टम ड्यूटी या इंपोर्ट ड्यूटी में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने की उम्मीद है. पिछले साल बजट में सोने पर कुल कस्टम ड्यूटी 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दी गई थी. अब एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सरकार इसे और कम नहीं करेगी क्योंकि आयात बहुत ज्यादा हो रहा है. सोना और चांदी के आयात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है. अगर ड्यूटी बढ़ाई गई तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं लेकिन ऐसा होने की कम संभावना है.
बजट में क्या गोल्ड पर आ सकता है बड़ा फैसला?
एक्सपर्ट्स की राय है कि इनकम टैक्स रिटर्न में सोने के गहनों या ज्वेलरी की ज्यादा जानकारी देने के नए नियम आ सकते हैं. शेड्यूल एएल में ज्यादा डिटेल मांगी जा सकती है. सेल्फ रिपोर्टिंग का तरीका शुरू हो सकता है, ताकि सोने की होल्डिंग ट्रैक की जा सके. सोने की बिक्री पर टैक्स नियमों में कुछ राहत मिल सकती है. जीएसटी में भी छोटे बदलाव जैसे मेकिंग चार्जेस पर 5 फीसदी जीएसटी या 3 फीसदी जीएसटी में एडजस्टमेंट की बात हो सकती है. लेकिन घर में रखे सोने पर कोई हार्ड लिमिट नहीं लगेगी. पुराना गोल्ड कंट्रोल एक्ट 1990 में खत्म हो चुका है और अब वैध सोर्स से सोना रखने पर कोई सीमा नहीं है. शादीशुदा महिलाओं के लिए 500 ग्राम, अविवाहित के लिए 250 ग्राम और पुरुषों के लिए 100 ग्राम तक डिस्क्रेशनरी तरीके से कोई जब्ती नहीं होती.
एक्सपर्ट्स जैसे दीपाश्री शेट्टी और सोनम चंदवानी कहते हैं कि रिपोर्टिंग और डिस्क्लोजर पर फोकस रहेगा न कि घरेलू होल्डिंग पर सख्त नियम. अगर हार्ड लिमिट लगाई गई तो लोगों में डर फैलेगा और ब्लैक मार्केट बढ़ सकता है. इसलिए सरकार सावधानी बरतेगी.
क्या बजट पर गिरेगा सोने का भाव?
बजट 2026 के दिन पर सोने की कीमत क्या होगी, इसकी भविष्यवाणी मुश्किल है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि बजट में अगर कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ तो कीमतें स्थिर रह सकती हैं या छोटी गिरावट आ सकती है. लेकिन अगर ड्यूटी में कटौती की उम्मीद से लोग खरीदारी बढ़ा दें तो रिबाउंड हो सकता है. कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अगर ड्यूटी 3-5 फीसदी कम हुई तो 10 ग्राम पर 2000 से 4000 रुपये तक गिरावट आ सकती है. लेकिन ऐसा होने की कम संभावना है. बाजार में पहले से ही कीमतें हाई हैं और बजट के बाद सोमवार को ट्रेडिंग में तेज मूवमेंट देखने को मिल सकता है.
बजट सोने के लिए ज्यादा बड़ा सरप्राइज नहीं देगा. फोकस रिपोर्टिंग और टैक्स राहत पर रहेगा. सोने की कीमतें ग्लोबल फैक्टर्स जैसे इन्फ्लेशन, जियोपॉलिटिकल टेंशन और सेंट्रल बैंक की खरीदारी से ज्यादा प्रभावित होंगी. भारतीय परिवारों के लिए सोना संपत्ति बनाने का जरिया है इसलिए सरकार बैलेंस बनाए रखेगी. बजट के बाद सोने में इंटरमिटेंट करेक्शन के बाद रिकवरी हो सकती है.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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