बजट 2026 में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए अब 4 लाख रुपये तक की सालाना कमाई को पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया गया है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स छूट की सीमा को दोगुना कर 1 लाख रुपये कर दिया गया है, जबकि किराए पर टीडीएस (TDS) काटने की लिमिट को भी 2.4 लाख से बढ़ाकर सीधे 6 लाख रुपये सालाना कर दिया गया है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए कैंसर समेत 36 से ज्यादा जीवन रक्षक दवाओं को अब टैक्स फ्री कर दिया गया है, जिससे इलाज सस्ता होगा. इसके अलावा, टैक्स रिटर्न में सुधार के लिए अब 4 साल का लंबा समय मिलेगा और दो घरों की वैल्यू पर भी बिना किसी शर्त के टैक्स छूट का लाभ उठाया जा सकेगा.
सरकार का फोकस केवल टैक्स घटाने पर ही नहीं, बल्कि इसे भरने के तरीके को भी बच्चों के खेल जैसा आसान बनाने पर है. चाहे वह बुजुर्गों के लिए छूट की सीमा बढ़ाना हो या विदेशी शिक्षा और इलाज को सस्ता करना, हर कदम आम आदमी की सहूलियत को ध्यान में रखकर उठाया गया है. टैक्स सुधारों का यह नया ढांचा न केवल अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि लोगों में ईमानदारी से टैक्स भरने के प्रति उत्साह भी जगाएगा क्योंकि अब नियम और समयसीमा दोनों ही उनके पक्ष में हैं.
अब 4 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री
सरकार ने टैक्स स्लैब में बदलाव कर मध्यम वर्ग की जेब में ज्यादा पैसा छोड़ने का फैसला किया है. अब अगर आपकी सालाना कमाई 4 लाख रुपये तक है, तो आपको एक भी पैसा टैक्स नहीं देना होगा. वहीं, 4 से 8 लाख रुपये तक की कमाई पर सिर्फ 6% टैक्स लगेगा. उदाहरण के लिए, यदि कोई ₹6 लाख कमाता है, तो उसे केवल ₹12 हजार टैक्स देना होगा, जो पहले के मुकाबले काफी कम है.
घर, बुजुर्ग और छात्र
- दो घरों पर टैक्स छूट: अब अगर आप दो घरों में रहते हैं, तो बिना किसी शर्त के दोनों घरों की वैल्यू पर टैक्स छूट मिलेगी. पहले यह सुविधा केवल एक घर तक सीमित थी.
- सीनियर सिटिजन्स के लिए खुशी: बुजुर्गों के लिए टैक्स छूट की लिमिट को ₹50 हजार से बढ़ाकर सीधे ₹1 लाख कर दिया गया है. अब दादा-दादी अपनी पेंशन का ज्यादा हिस्सा अपनी जरूरतों पर खर्च कर सकेंगे.
- किराए पर टीडीएस (TDS) की नई सीमा: यदि आप सालाना 6 लाख रुपये तक किराया देते हैं, तो अब टीडीएस नहीं कटेगा. पहले यह सीमा केवल 2.4 लाख रुपये थी.
- गलती सुधारने का एक्स्ट्रा टाइम: अपडेटेड टैक्स रिटर्न भरने का समय अब बढ़ाकर 4 साल कर दिया गया है. अगर रिटर्न में कोई गलती रह गई है, तो उसे सुधारने के लिए अब आपको पर्याप्त समय मिलेगा.
दवाएं हुई सस्ती और बिजनेस करना हुआ आसान
आम लोगों के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए सरकार ने 36 जीवन रक्षक दवाओं को पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया है. इसके अलावा कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की 37 दवाओं पर भी भारी छूट दी गई है, जिससे गंभीर बीमारियों का इलाज सस्ता होगा.
स्टार्टअप्स और छोटे कारोबारियों के लिए भी नियमों को सरल किया गया है. स्टार्टअप्स को शुरुआती 5 साल की टैक्स छूट को आगे बढ़ाया गया है, और चैरिटी ट्रस्टों के रजिस्ट्रेशन की अवधि को 5 से बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है. इन बदलावों से कागजी कार्यवाही का बोझ कम होगा और लोग अपने काम पर ज्यादा ध्यान दे सकेंगे.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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