दिसंबर महीने में भारत के कोर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की रफ्तार में सुधार देखने को मिला है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार कोर सेक्टर ग्रोथ बढ़कर 3.7 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो चार महीने का उच्च स्तर है. स्टील, सीमेंट और बिजली उत्पादन की मजबूती ने इस बढ़त में अहम भूमिका निभाई है.
स्टील, सीमेंट और बिजली बने ग्रोथ के आधार
दिसंबर में स्टील और सीमेंट सेक्टर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया. स्टील उत्पादन में 6.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़ी गतिविधियों में लगातार बनी मजबूती को दर्शाती है. वहीं सीमेंट उत्पादन 13.5 प्रतिशत उछल गया, जो इस साल के सबसे मजबूत आंकड़ों में से एक माना जा रहा है. बिजली उत्पादन भी नवंबर की गिरावट से उबरते हुए 5.3 प्रतिशत बढ़ा और यह पिछले नौ महीनों की सबसे तेज बढ़ोतरी रही. इससे संकेत मिलता है कि औद्योगिक और व्यावसायिक मांग में धीरे-धीरे सुधार आ रहा है.
ईंधन से जुड़े सेक्टरों में कमजोरी बरकरार
जहां एक ओर धातु और निर्माण से जुड़े सेक्टर मजबूत नजर आए, वहीं ईंधन आधारित उद्योगों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा. कच्चे तेल का उत्पादन दिसंबर में 5.6 प्रतिशत घटा, जबकि प्राकृतिक गैस उत्पादन में 4.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन भी 1 प्रतिशत की गिरावट में रहा. कोयला उत्पादन में जरूर 3.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली, जिससे अक्टूबर की कमजोरी कुछ हद तक दूर हुई, लेकिन कुल मिलाकर फ्यूल सेक्टर की स्थिति मिली-जुली बनी हुई है.
औद्योगिक उत्पादन के लिए क्या संकेत
आठ कोर उद्योग- कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली-मिलकर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक यानी IIP का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं. ऐसे में दिसंबर में आई यह तेजी आने वाले महीनों में औद्योगिक उत्पादन को हल्का सहारा दे सकती है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियां इसी तरह मजबूत बनी रहती हैं, तो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर इसका सकारात्मक असर दिख सकता है. हालांकि, तेल और गैस सेक्टर में संरचनात्मक चुनौतियां बनी रहने से कुल ग्रोथ पर दबाव भी बना रह सकता है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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