Crypto New Rule : क्रिप्टोकरेंसी में सरकार नए नियम लागू करने जा रही है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. नए नियम के तहत रिपोर्टिंग न करने पर रोजाना जुर्माना लगेगा और गलत रिपोर्टिंग पर 5 लाख का जुर्माना लगेगा.
सरकार ने पहली बार क्रिप्टो और अन्रू डिजिटल एसेट को लेकर इतना सख्त रवैया अपनाया है. नए नियम के तहत सख्त और साफ पेनाल्टी का प्रस्ताव दिया है. अगर क्रिप्टो एसेट से जुड़ी जानकारी निवेशक नहीं देते हैं तो उन पर रोजाना जुर्माने की कार्रवाई होगी और गलत जानकारी देने पर तो भारी पेनाल्टी लगाई जाएगी. जाहिर है कि निवेशक, प्लेटफॉर्म और क्रिप्टो कंपनियों, तीनों को ही पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए नियम का पालन करना ही होगा.
क्या है पेनाल्टी का फ्रेमवर्क
क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल एसेट को लेकर नया नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो जाएगा और नए वित्तवर्ष में इसकी पारदर्शिता को लेकर सख्ती की जाएगी. अगर कोई निवेशक, संस्था या प्लेटफॉर्म अपने क्रिप्टो एसेट की जानकारी समय पर नहीं देते तो उन पर रोजाना 200 रुपये की पेनाल्टी लगाई जाएगी और यह तब तक जारी रहेगी, जब तक कि जरूरी जानकारी मुहैया नहीं करा दी जाती है. इसके अलावा अगर किसी ने गलत, अधूरी अथवा भ्रामक जानकारी दी तो उस पर 5 लाख रुपये तक एकमुश्त पेनाल्टी लगाई जा सकती है. इसका मतलब है कि अब सिर्फ देरी पर ही नहीं, बल्कि गलत जानकारी देने पर भी मोटा जुर्माना देना पड़ेगा
क्यों लाना पड़ा ऐसा नियम
सरकार ने नए नियम के तहत क्रिप्टो इकोसिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ जवाबदेही लाना चाहती है. अभी तक क्रिप्टो को लेकर देश में सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि हर प्लेटफॉर्म पर रिपोर्टिंग का तरीका अलग-अलग होता है. ऐसे में निगरानी करना मुश्किल हो जाता है. नए नियम के तहत इसी खामी को दूर करने की कोशिश है. जाहिर है कि इसका असर निवेशकों के साथ-साथ क्रिप्टो एक्सचेंज और कंपनियों पर भी पड़ेगा. हालांकि, इसमें पारदर्शिता आने से क्रिप्टो बाजार को ही फायदा होगा.
इंडस्ट्री ने इस पर क्या बोला
क्रिप्टो इनवेस्टमेंट प्लेटफॉर्म Mudrex के सीईओ एडुल पटेल का कहना है कि इस कदम से डिजिटल एसेट सेकटर में पारदर्शिता बढ़ेगी और सभी को फायदा होगा. इससे एक बात को क्लीयर है कि सरकार क्रिप्टो और डिजिटल एसेट को लेकर रेगुलेशन बढ़ाना चाहती है, जो इसे इकोसिस्टम में मंजूरी देने की वकालत करता है. सरकार अब क्रिप्टो ट्रांजेक्शन को भी मेनस्ट्रीम फाइनेंशियल रिपोर्टिंग सिस्टम के करीब ला रही है. इस जवाबदेही और निगरानी से निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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