भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सर्विस (EMS) कंपनी, डिक्सन टेक्नोलॉजीज के निवेशकों के लिए पिछला कुछ समय किसी बुरे सपने जैसा रहा है. कभी मल्टीबैगर रिटर्न देने वाला यह शेयर अपने ₹18,471 के रिकॉर्ड स्तर से करीब 45% टूटकर ₹10,200 के करीब आ गया है. मोटोरोला के साथ बिजनेस कम होना और पीएलआई स्कीम का भविष्य धुंधला होना इसकी मुख्य वजहें मानी जा रही हैं. कल आने वाले तीसरी तिमाही के नतीजे तय करेंगे कि यह स्टॉक बाउंस बैक करेगा या अभी और गिरेगा.
दरअसल, इस गिरावट की कहानी की शुरुआत मोबाइल बिजनेस से होती है. डिक्सन की कुल मोबाइल कमाई का लगभग आधा हिस्सा अकेले मोटोरोला (Motorola) से आता था. हाल ही में आई खबरों के मुताबिक, मोटोरोला ने अपनी आउटसोर्सिंग का एक बड़ा हिस्सा ‘कार्बन’ (Karbonn) को देने का फैसला किया है. इस कदम से डिक्सन के प्रोडक्शन वॉल्यूम में भारी गिरावट की आशंका है. इसके अलावा, स्मार्टफोन के लिए मिलने वाली सरकारी पीएलआई (PLI) स्कीम का मार्च 2026 में खत्म होना भी एक बड़ा सिरदर्द बन गया है, क्योंकि इससे कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर सीधा असर पड़ेगा.
गिरावट के 3 प्रमुख कारण
डिक्सन के शेयरों में बिकवाली के पीछे ये तीन सबसे बड़े ट्रिगर्स रहे हैं:
- मोटोरोला का झटका: मोटोरोला का हाथ खिंचने से कंपनी के मोबाइल सेगमेंट की ग्रोथ सुस्त पड़ गई है. बाजार को डर है कि अगर डिक्सन ने जल्द ही नए बड़े क्लाइंट्स नहीं जोड़े, तो उसकी रेवेन्यू ग्रोथ 20-25% तक गिर सकती है.
- वीवो (Vivo) डील में देरी: डिक्सन और वीवो के बीच होने वाले जॉइंट वेंचर (JV) को लेकर काफी समय से चर्चा है, लेकिन सरकारी मंजूरियों में हो रही देरी ने निवेशकों के सब्र का बांध तोड़ दिया है.
- इनपुट कॉस्ट और ग्लोबल प्रेशर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में मेमोरी चिप्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे डिक्सन जैसी असेंबलिंग कंपनियों के लिए मुनाफा कमाना मुश्किल हो रहा है.
कल के नतीजों पर टिकी हैं निगाहें
29 जनवरी 2026 को डिक्सन अपने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) के नतीजे पेश करने वाली है. बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी के रेवेन्यू में तो शायद बढ़त दिखे, लेकिन नेट प्रॉफिट और मार्जिन दबाव में रह सकते हैं. अगर मैनेजमेंट कल के नतीजों के बाद मोटोरोला के विकल्प या वीवो के साथ हुई प्रगति पर कोई सकारात्मक बयान देता है, तो ही शेयर में रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है. बता दें कि 28 जनवरी को कंपनी के शेयर एनएसई पर 0.83 फीसदी की बढ़त के साथ 10,269 रुपये पर बंद हुए.
एक्सपर्ट्स की सलाह
डिक्सन को लेकर ब्रोकरेज हाउस दो गुटों में बंट गए हैं. मोतीलाल ओसवाल और HSBC जैसे दिग्गज अब भी इस शेयर पर भरोसा जता रहे हैं. उनका तर्क है कि इतनी भारी गिरावट के बाद शेयर का वैल्यूएशन काफी सस्ता हो गया है और लंबी अवधि के लिए यह एक अच्छा ‘एंट्री पॉइंट’ हो सकता है. इन्होंने ₹15,500 से ₹17,500 तक के टारगेट दिए हैं.
वहीं दूसरी ओर, फिलीपकैपिटल (PhillipCapital) ने इसे ‘SELL’ रेटिंग देते हुए ₹9,085 का टारगेट दिया है. उनका कहना है कि जब तक कंपनी अपने मोबाइल सेगमेंट को दोबारा पटरी पर नहीं लाती, तब तक इसमें पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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