महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के कारण गुरुवार सुबह MCX पर कमोडिटी ट्रेडिंग बंद रही और शाम को फिर से शुरू हुई. घरेलू बाजार में सोने के वायदा में भी ट्रेडर्स ने मुनाफा बुक किया.
किस वजह से सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट?
2026 की शुरुआत में गोल्ड-सिल्वर, कॉपर और टिन की बेतहाशा तेजी ने पूरी दुनिया के मार्केट को हिला दिया है. इसके पीछे फेड की दर कटौती की उम्मीद, चीन की आक्रामक खरीदारी, सप्लाई की कमी और ट्रंप प्रशासन के टैरिफ की धमकी जैसे कई बड़े फैक्टर एक साथ काम कर रहे हैं.
फरवरी कॉन्ट्रैक्ट के लिए गोल्ड 520 रुपये या 0.36 प्रतिशत गिरकर 1,42,601 रुपये प्रति 10 ग्राम पर 14,194 लॉट में बंद हुई. “शुक्रवार को सोने और चांदी में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला. उम्मीद से कमजोर अमेरिकी साप्ताहिक बेरोजगारी आंकड़ों ने डॉलर को मजबूत किया, वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर नरम रुख से कीमती धातुओं की सुरक्षित निवेश मांग कम हुई,” राहुल कलंत्री, वाइस-प्रेसिडेंट, कमोडिटीज, मेहता इक्विटीज लिमिटेड ने कहा. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी एशियाई ट्रेडिंग घंटों के दौरान चांदी और सोना दोनों में गिरावट आई.
फेडरल रिजर्व की दरों में कटौती की उम्मीद
कॉमेक्स पर मार्च कॉन्ट्रैक्ट के लिए चांदी 1.93 डॉलर या 2.10 प्रतिशत गिरकर 90.41 डॉलर प्रति औंस पर आ गई. बुधवार को इसने 93.56 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड छुआ था. फरवरी डिलीवरी के लिए सोने के वायदा भी 21.9 डॉलर या 0.47 प्रतिशत गिरकर 4,601.8 डॉलर प्रति औंस पर आ गए. पीली धातु ने 14 जनवरी को 4,650.50 डॉलर प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई छुआ था. “हाल ही में आए अमेरिकी मैक्रोइकोनॉमिक डेटा ने फेडरल रिजर्व की दरों में कटौती की उम्मीदों को साल की पहली छमाही के लिए रोक दिया है, जिससे डॉलर इंडेक्स कई हफ्तों के उच्च स्तर पर पहुंच गया और बुलियन की कीमतों के लिए निकट भविष्य में दबाव बना है,” कलंत्री ने कहा.
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