भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही व्यापार बातचीत अब निर्णायक मोड में पहुंच गई है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण पर बहुत जल्द संयुक्त बयान जारी कर सकते हैं, जिसके बाद अमेरिका भारत पर लगने वाले शुल्क को घटाने का कार्यकारी आदेश जारी करेगा. संयुक्त बयान के बाद इस समझौते को कानूनी रूप देने की प्रक्रिया शुरू होगी और मार्च के मध्य तक इस पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है.
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल.
पीयूष गोयल ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर होने के बाद अमेरिका भारत पर लगने वाले शुल्क को घटाने के लिए एक कार्यकारी आदेश जारी करेगा. इसके तहत भारतीय उत्पादों पर शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की तैयारी है. फिलहाल भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क लगता है, जबकि रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी लागू है.
संयुक्त बयान के बाद कानूनी समझौते की प्रक्रिया
वाणिज्य मंत्री ने साफ किया कि संयुक्त वक्तव्य के बाद दोनों देश एक विस्तृत कानूनी समझौते की दिशा में आगे बढ़ेंगे. उन्होंने कहा कि पहले चरण के लिए कानूनी समझौते पर मार्च के मध्य तक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. इसका मतलब है कि आने वाले कुछ हफ्तों में इस डील को औपचारिक और कानूनी रूप मिल सकता है.
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल (Rajesh Agrawal) ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि विवरण पर हस्ताक्षर होने के बाद इसे कानूनी समझौते में बदला जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि मार्च के मध्य तक इस कानूनी दस्तावेज पर भी दोनों देशों के बीच सहमति बन जाएगी.
भारत भी घटाएगा कुछ अमेरिकी वस्तुओं पर शुल्क
कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर होने के बाद भारत भी अपने स्तर पर कदम उठाएगा. अधिकारियों के मुताबिक भारत कुछ अमेरिकी वस्तुओं पर आयात शुल्क में कटौती करेगा. हालांकि सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि इस व्यापार समझौते में निवेश को लेकर किसी तरह की बाध्यकारी प्रतिबद्धता शामिल नहीं है.
क्यों अहम है यह व्यापार समझौता
भारत और अमेरिका के बीच यह समझौता ऐसे समय पर हो रहा है, जब वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बनी हुई है और कई देश संरक्षणवादी नीतियों की ओर बढ़ रहे हैं. ऐसे में टैरिफ में कटौती और व्यापार को आसान बनाने वाला यह कदम दोनों देशों के कारोबारियों और निर्यातकों के लिए राहत लेकर आ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और अमेरिका के साथ आर्थिक साझेदारी और मजबूत होगी.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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