India-US Trade Deal : भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते से भारत के 21 फीसदी निर्यात को सबसे ज्यादा लाभ होगा. ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा है कि इससे श्रम प्रधान क्षेत्रों वाले प्रोडक्ट को ज्यादा लाभ मिलने का अनुमान है.
मूडीज रेटिंग्स ने कहा कि अधिकांश भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क में कटौती से रत्न एवं आभूषण, कपड़ा और परिधान जैसे श्रम प्रधान क्षेत्रों की कर्ज चुकाने की क्षमता बेहतर होगी. इन क्षेत्रों का देश के निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान है. भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं, जिसके तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क को मौजूदा के 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर देगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद यह जानकारी दी.
निर्यात में आएगी नई जान
मूडीज ने कहा कि यह व्यापार समझौता अमेरिका को भारत के वस्तु निर्यात में नई जान फूंकेगा. अमेरिका, भारत का सबसे बड़ा वस्तु निर्यात बाजार बना हुआ है, जो 2025 के पहले 11 महीनों में भारत के कुल वस्तु निर्यात का लगभग 21 फीसदी हिस्सा रहा. अब कम शुल्क दर रत्न एवं आभूषण, कपड़ा और परिधान जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए भी कर्ज चुकाने की क्षमता के लिहाज से सकारात्मक होगी, जो शीर्ष निर्यात क्षेत्रों में शामिल हैं. टैरिफ से सबसे ज्यादा असर भी इन सेक्टर्स पर पड़ा था.
इन सेक्टर्स पर कोई असर नहीं
इससे पहले दवाइयों और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स को अमेरिका द्वारा लगाए गए 50 फीसदी के उच्च शुल्क से छूट मिली हुई थी, इसलिए शुल्क में कटौती का इन पर असर पड़ने की संभावना नहीं है. मूडीज ने कहा कि हाल के महीनों में भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद कम की है, लेकिन इसके पूरी तरह तुरंत बंद होने की संभावना नहीं है, क्योंकि ऐसा करना भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए बाधक हो सकता है. बावजूद इसके अमेरिका के साथ ट्रेड डील करना भारत के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है. इससे पहले यूरोप के साथ भी भारत ने ऐसी ही डील करके अपने बाजार की पहुंच को और विस्तार दिया है.
भारत बंद नहीं कर सकता रूसी तेल की खरीद
मूडीज ने कहा कि रूसी तेल से पूरी तरह हटकर अन्य स्रोतों पर निर्भरता आपूर्ति को और कड़ा कर सकती है. कीमतें बढ़ा सकती है और इसके कारण महंगाई भी बढ़ सकती है, क्योंकि भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है. इन कारणों की वजह से ही भारत पूरी तरह रूसी तेल की खरीद करना बंद नहीं कर सकता है. हालांकि, इसमें कमी जरूर आई है लेकिन इस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना संभव नहीं है. अमेरिका ने इस बात को समझकर ही भारत के साथ ट्रेड डील पर आगे बढ़ने का फैसला किया है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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