Infosys Menue Change : देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस ने अपने पुणे, चेन्नई और बैंगलुरु कैंपस में स्थित फूड कोर्ट में खाने का मेन्यू बदल दिया गया है. अब कर्मचारियों को डोसा और आमलेट जैसी डिशेज नहीं मिल रही हैं, क्योंकि इन्हें पकाने में ज्यादा गैस का इस्तेमाल होता है और अभी कंपनी के फूड कोर्ट में एलपीजी की सप्लाई सीमित हो रही है.
इन्फोसिस ने अपने फूड कोर्ट में कई डिश देनी बंद कर दी है.
कंपनी ने कहा है कि कैंटीन में खाने की तैयारियां और उपलब्धता कुकिंग गैस मिलने के आधार पर तय की गई है. लिहाजा अगली जानकारी मिलने तक यही स्थिति बरकरार रहेगी. गैस की कमी की वजह से कंपनी की कैंटीन से डोसा और आमलेट जैसी डिश को बाहर कर दिया गया है. यह सारी डिश हाई फ्लेम पर बनाई जाती है, जिसमें ज्यादा गैस का इस्तेमाल होता है. यही वजह है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती है, इन सभी डिशेज को कैंटीन से बाहर कर दिया गया है.
किन शहरों में पड़ा है फैसले का असर
इन्फोसिस ने बैंगलुरु, चेन्नई और पुणे शहरों में स्थित अपनी ऑफिस की कैंटीन में इस नियम को लागू किया है. बैंगलुरु कैंपस में तो रोजाना करीब 20 हजार कर्मचारियों की आवाजाही रहती है. इस लिहाज से कंपनी के इस फैसले का असर करीब 40 से 45 हजार कर्मचारियों पर दिखेगा. यह फैसला सरकार की उस गाइडलाइन के बाद लिया गया है, जिसमें ईरान-इजराइल युद्ध की वजह से एलपीजी की सप्लाई और खपत को लेकर आगाह किया गया था.
फूड कोर्ट को नहीं मिल रहा एलपीजी
पुणे स्थित इन्फोसिस के एक कर्मचारी ने बताया कि कंपनी के फूड कोर्ट को उसके सप्लायर्स की ओर से एलपीजी सिलेंडर की पर्याप्त संख्या नहीं मिल रही है. यही वजह है कि सभी फूड कोर्ट को लिमिटेड मेन्यू के हिसाब से ही चलाया जा रहा है. कुछ पका-पकाया खाना बाहर से मंगाकर फूड कोर्ट में बेचा जा रहा है. हालांकि, कैंटीन में इलेक्ट्रिक उपकरणों की मदद से खाना पकाने की प्रक्रिया को बढ़ाया जा रहा है. कंपनी ने अपने कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे कैंपस में किसी भी इवेंट को आयोजित करने से बचें. अगर संभव हो तो कैंटीन के बजाय घर से लाए खाने को ही तरजीह दें.
कंपनी में 3.20 लाख कर्मचारी
इन्फोसिस के साथ करीब 3.20 लाख कर्मचारी काम करते हैं. कंपनी ने चेन्नई कैंपस के फूड कोर्ट के मेन्यू में भी बदलाव किया है. यहां कुछ चीजें अब नहीं मिल रही हैं. हालांकि, इन्फोसिस ने अपने सभी कैंपस में कचरे से बायोगैस बनाने का प्लांट लगाया गया है और अब इस बायोगैस का इस्तेमाल खाना पकाने में किया जा रहा है. इन्फोसिस का दावा है कि एलपीजी सप्लाई में परेशानी के बावजूद कर्मचारियों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ने दिया जाएगा.
About the Author
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.