LPG Cylinder Booking New Rule : हाल के दिनों में उपभोग के पैटर्न में असामान्य बदलाव देखा गया था. कई ऐसे मामले सामने आए जहां जो उपभोक्ता पहले लंबे समय बाद सिलेंडर बुक कराते थे वो जल्दी बुकिंग कराने लगे. इसी को देखते हुए सरकार ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियम बदल दिए हैं.
पैनिक बुकिंग या अनावश्यक स्टॉक जमा करने की प्रवृत्ति से बाजार में कृत्रिम कमी पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है.
सरकार ने गैस बुकिंग के नियम भले ही बदल दिए हो लेकिन पेट्रोल, डीजल या रसोई गैस की कीमतों में फिलहाल बढ़ोतरी करने का उसका कोई इरादा नहीं है. सरकार के पास ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल के पार नहीं जाती, तब तक घरेलू कीमतों में वृद्धि की संभावना कम है.
लोग धड़ाधड़ करा रहे सिलेंडर बुक
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट में सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि हाल के दिनों में उपभोग के पैटर्न में असामान्य बदलाव देखा गया था, जिसे नियंत्रित करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है. सरकार ने डेटा का विश्लेषण करने के बाद पाया कि बुकिंग के रुझानों में भारी विसंगति है. सूत्रों ने जानकारी दी कि, “कई ऐसे मामले सामने आए जहां जो उपभोक्ता पहले औसतन 55 दिनों में अपना सिलेंडर बुक करते थे, वे अचानक 15 दिनों के भीतर ही दूसरी बुकिंग करने लगे थे.”
कृत्रिम कमी पैदा होने का खतरा
इस तरह की पैनिक बुकिंग या अनावश्यक स्टॉक जमा करने की प्रवृत्ति से बाजार में कृत्रिम कमी पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 25 दिनों का यह अनिवार्य अंतराल लागू किया है. वहीं सरकार ने गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने रिफाइनरियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे एलपीजी का उत्पादन बढ़ाएं. तेल कंपनियों को सख्त आदेश दिए हैं कि घरेलू एलपीजी कनेक्शनों की मांग को कमर्शियल (व्यावसायिक) कनेक्शनों से ऊपर रखा जाए. इससे यह सुनिश्चित होगा कि आम आदमी की रसोई पर ईंधन संकट का कोई असर न पड़े.
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