अखिलेश यादव के सौतेले भाई और मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक यादव फिलहाल राजनीति से दूर रहते हैं और खुद का बिजनेस चलाते हैं. प्रतीक कई जिम के ऑनर हैं और रियल एस्टेट में भी कारोबार करते हैं. अगर उनकी नेट वर्थ के बारे में देखा जाए तो तमाम मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 5.5 करोड़ से लेकर 7 करोड़ तक उनकी नेट वर्थ हो सकती है. हालांकि, यह अनुमान साल 2024 का है और वर्तमान में इसमें और इजाफा हो सकता है.
क्या है उनकी कमाई का जरिया
कई स्रोतों में दावा किया गया है कि प्रतीक यादव की नेट वर्थ करीब 6 से 7 करोड़ के बीच है. उनकी कमाई का जरिया जिम बिजनेस, फिटनेस ट्रेनिंग, प्रमोशन्स आदि हैं. इसके अलावा रियल एस्टेट बिजनेस से भी उन्हें मोटी कमाई होती है. रियल एस्टेट में प्रतीक लंबे समय से काम कर रहे हैं. उनके प्रोफाइल में प्रॉपर्टी डीलिंग, निवेश और बिल्डिंग्स शामिल है. फोर्ब्स इंडिया ने भी प्रतीक की कमाई का मुख्य स्रोत रियल एस्टेट ही बताया है.
जिम के बिजनेस से मोटी कमाई
प्रतीक ने लखनऊ में Iron Core Fit नाम से हाई एंड जिम बिजनेस शुरू किया है. इसकी शुरुआत साल 2015 में हुई थी और अभी तक कई ब्रांच खुल चुकी हैं. यह प्रीमियम क्लाइंट्स के लिए है, जिसकी सालाना फीस करीब 35 हजार रुपये आती है. इस जिम में लग्जरी का ख्याल रखा गया है और सभी उपकरण इटैलियन व अमेरिकन हैं. उनकी कमाई में फिटनेस ट्रेनिंग, प्रमोशन और जिम से जुड़ी इनकम शामिल है. वे कई ब्रांड की ब्रांडिंग भी करते हैं, जिससे कमाई होती है.
5 करोड़ की लग्जरी कार
प्रतीक यादव की संपत्ति में लग्जरी कारों का बेड़ा भी शामिल है. इसमें सबसे महंगी 5 करोड़ रुपये की एक लैम्बोर्गिनी कार शामिल है. उनकी सालाना कमाई करीब 1.5 करोड़ रुपये बताई जाती है, जो उनके भाई अखिलेश यादव से भी कहीं ज्यादा है. रियल एस्टेट में उन्होंने मोटा निवेश भी किया हुआ है. चूंकि, वे राजनीति में नहीं है तो हलफनामे में इसका खुलासा भी नहीं करना पड़ता है.
पत्नी अर्पणा यादव के पास कितनी संपत्ति
प्रतीक की पत्नी अर्पणा यादव की ओर से दिए गए चुनावी हलफनामे के अनुसार, प्रतीक और अर्पणा की चल और अचल संपत्ति करीब 23 करोड़ रुपये बताई जाती है. कैश, ज्वैलरी और एफडी में उनका करीब 3.20 करोड़ रुपये का निवेश है. 12 लाख की खेतिहर जमीन भी है. अकेले अर्पणा के पास करीब 15 करोड़ की संपत्ति है, जो प्रतीक से भी दोगुनी है. अपर्णा अभी भाजपा से जुड़ी हैं और यूपी महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं.
तलाक पर अर्पणा को कितना पैसा मिलेगा
हिंदू मैरेज एक्ट 1955 की धारा 24,25 और सीआरपीसी की धारा 125 के तहत तलाक की स्थिति में गुजारा भत्ता तय होता है, जो पति की संपत्ति और कमाई के आधार पर तय किया जाता है. चूंकि, अर्पणा एक राजनीतिक हस्ती हैं तो उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र माना जा सकता है. हालांकि, एक बेटी है तो उसकी देखभाल के लिए अतिरिक्त मेंटेनेंस की डिमांड हो सकती है. ऐसे ही अन्य केस के आधार पर आकलन किया जाए तो यह रकम हर महीने 1 से 1.5 लाख रुपये या फिर एकमुश्त 1.5 करोड़ रुपये तक हो सकती है.
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