Investment Tips : निवेशकों के लिए यह समय काफी चुनौती और कंफ्यूजन वाला है. शेयर बाजार की तरफ नजर डालें तो वहां अनिश्चितता का माहौल है. स्थिर समझे जाने वाले सोने-चांदी में भी जिस तरह उतार-चढ़ाव दिख रहा है, निवेशक डर गए हैं. ऐसे में कहां पैसे लगाएं. इसका जवाब विश्लेषकों ने दिया कि निवेशकों को इस समय मल्टी एसेट फंड जैसे विकल्पों में पैसे लगाना चाहिए.
मल्टी एसेट फंड ने पिछले तीन साल में 20 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है.
विश्लेषकों का कहना है कि निवेशकों को ऐसे म्यूचुअल फंड्स का विकल्प चुनना चाहिए जो कमोडिटी और इक्विटी में निवेश का मिश्रण प्रदान करते हैं, जिससे विविधीकरण होता है. जोखिम कम होता है और अधिक संतुलित पोर्टफोलियो बनता है. जैसे कि मल्टी एसेट एलोकेशन म्यूचुअल फंड्स. मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स कम से कम तीन अलग-अलग परिसंपत्ति वर्गों जैसे इक्विटी, डेट और कमोडिटीज में निवेश करते हैं. इस तरह आपको सोना, चांदी, स्टॉक और बॉन्ड सभी का फायदा मिलता है. बाजार नियामक सेबी द्वारा तय दिशानिर्देशों के अनुसार, मल्टी एसेट एलोकेशन फंडों को कम से कम 10% निवेश तीनों एसेट क्लास में करना अनिवार्य है. फंड मैनेजरों को किसी भी समय एसेट क्लास के प्रदर्शन के आधार पर इसे घटाने या बढ़ाने की स्वतंत्रता होती है.
कितने रिटर्न की उम्मीद
पिछले कुछ वर्षों में मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स ने शानदार रिटर्न दिया है. इनमें निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड सबसे आगे है. इसने एक, दो और तीन वर्षों में क्रमशः 23.97%, 20.47% और 22.62% का रिटर्न दिया है. वास्तव में शीर्ष 10 मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स ने पिछले एक वर्ष में औसतन 20.26% और तीन वर्षों में 21.01% की सीएजीआर से वृद्धि दर्ज की है. इसकी तुलना में, शीर्ष 10 इक्विटी फंड्स का रिटर्न पिछले एक वर्ष में मात्र 16.62% रहा है.
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