NPS Health Scheme : एनपीएस योजना में अब स्वास्थ्य योजना को भी शामिल किया जाएगा. इसमें निवेश करने वालों को अब इन पैसों से इलाज कराने की छूट मिलेगी. यह स्कीम सरकारी कर्मचारियों के साथ आम आदमी के लिए भी उपलब्ध होगी.
यह योजना स्वास्थ्य खर्चों को नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) से जोड़ती है. लोग इसमें पैसे बचा सकते हैं और बाद में अस्पताल या डॉक्टर के बिलों के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. इसका मकसद भारतीय नागरिकों के लिए स्वास्थ्य देखभाल को आसान, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है. पीएफआरडीए ने 27 जनवरी 2026 को सर्कुलर जारी कर बताया कि एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना को एनपीएस के तहत एक विशेष सेक्टर योजना के रूप में शुरू किया जाएगा. इसका उद्देश्य केवल आउट-पेशेंट और इन-पेशेंट चिकित्सा खर्चों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है, जो मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (एमएसएफ) के तहत होगी.
क्या होगा योजना में बदलाव
यह योजना एक योगदान आधारित पेंशन योजना होगी, जो पीएफआरडीए एक्ट की धारा 12(1)(a) और धारा 20 के प्रावधानों के तहत संचालित होगी और इसे भारत के नागरिकों को स्वैच्छिक रूप से उपलब्ध कराया जाएगा. यह योजना पेंशन फंड्स (‘पीएफ्स’) प्राधिकरण की पूर्व मंजूरी के बाद, केवल प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट के रूप में सीमित अवधि के लिए शुरू की जाएगी. यह रेगुलेटरी सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क के तहत नियंत्रित वातावरण में संचालित होगी. पीएफ्स फिनटेक्स और अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर इस प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट को लागू कर सकते हैं. इस प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट के लिए, पीएफआरडीए (एनपीएस के तहत निकासी और बाहर निकलने) विनियम, 2015 के प्रावधानों को रेगुलेटरी सैंडबॉक्स फ्रेमवर्क के तहत तैयार किया गया है.
क्या है इस योजना की खास बातें
- पात्रता : कोई भी भारतीय नागरिक एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना में शामिल हो सकता है. यदि पहले से कॉमन स्कीम अकाउंट नहीं है, तो एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना अकाउंट के साथ एक कॉमन स्कीम अकाउंट खोलना जरूरी है.
- शुल्क : योजना के तहत लागू शुल्क और फीस एमएसएफ के अनुसार निर्धारित होंगे और पारदर्शी रूप से बताए जाएंगे. इन शुल्कों में एचबीए को दिए जाने वाले शुल्क भी शामिल होंगे, जैसा कि सर्कुलर में बताया गया है.
- योगदान : सब्सक्राइबर को एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना में किसी भी राशि का योगदान करने की अनुमति है, बशर्ते कि यह एनपीएस के गैर-सरकारी क्षेत्र के लिए लागू मौजूदा दिशानिर्देशों के अनुसार हो.
- योजना के तहत किए गए योगदान को पीएफ द्वारा एमएसएफ में निर्धारित निवेश दिशानिर्देशों के अनुसार निवेश किया जाएगा.
- पैसे का ट्रांसफर : सब्सक्राइबर (सरकारी क्षेत्र और सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों को छोड़कर), जिनकी उम्र 40 वर्ष से अधिक है, उन्हें अपने या कर्मचारी के योगदान का अधिकतम 30% कॉमन स्कीम अकाउंट से एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना अकाउंट में ट्रांसफर करने की अनुमति होगी.
- मेडिकल खर्च के लिए निकासी : सब्सक्राइबर को अपने एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना अकाउंट से आउटपेशेंट या इनपेशेंट मेडिकल खर्च के लिए आंशिक निकासी की अनुमति है. किसी भी समय, सब्सक्राइबर अपनी स्वयं की योगदान राशि का अधिकतम 25% तक निकासी कर सकते हैं, जो पीएफआरडीए एक्ट, 2013 के प्रावधानों के अनुसार होगी. आंशिक निकासी की संख्या पर कोई सीमा नहीं है और कोई न्यूनतम प्रतीक्षा अवधि नहीं है, बशर्ते पहली आंशिक निकासी योजना में न्यूनतम 50,000 रुपये की राशि जमा होने के बाद ही की जा सकती है.
- गंभीर चिकित्सा उपचार के लिए समय से पहले निकासी : यदि इनपेशेंट मेडिकल ट्रीटमेंट के दौरान एक बार में होने वाला खर्च सब्सक्राइबर के एनपीएस स्वास्थ्य पेंशन योजना अकाउंट में उपलब्ध कुल राशि का 70% से अधिक हो जाता है, तो सब्सक्राइबर को 100% राशि एकमुश्त निकालने की अनुमति होगी, चाहे कॉर्पस का आकार कुछ भी हो. बशर्ते यह राशि केवल ऐसे मेडिकल खर्च को कवर करने के लिए हो, जैसा कि सर्कुलर में बताया गया है.
- दावों का निपटान : निकाली गई या निकासी की गई राशि संबंधित एचबीए/टीपीए को सीधे भेजी जाएगी, वैध दावों और बिलों के आधार पर. मेडिकल खर्च के बाद बची हुई अतिरिक्त राशि सब्सक्राइबर के कॉमन स्कीम अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाएगी.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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