Ola Electric Layoffs: ओला ने पांच फीसदी कर्मचारियों की छंटनी करने का ऐलान किया है. कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में जबरदस्त गिरावट आई है. साल 2024 में जहां ओला का मार्केट शेयर 36.7 फीसदी था, वहीं 2025 में यह घटकर मात्र 16.1 फीसदी रह गया.
यह छंटनी ऐसे समय में हो रही है जब 2025 के दौरान भारतीय इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बाजार में ओला इलेक्ट्रिक को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा है. आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की बाजार हिस्सेदारी में जबरदस्त गिरावट आई है. साल 2024 में जहां ओला की बाजार हिस्सेदारी 36.7 प्रतिशत थी, वहीं 2025 में यह घटकर मात्र 16.1 फीसदी रह गई. इस गिरावट का सीधा फायदा उन पारंपरिक ऑटोमोबाइल कंपनियों को मिला है जिन्होंने ईवी क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है.
क्यों छंटनी कर रही है ओला इलेक्ट्रिक
ओला इलेक्ट्रिक ने इस छंटनी के पीछे मुख्य कारण अपने फ्रंटएंड ऑपरेशंस में बड़े पैमाने पर स्वचालन (Automation) को बढ़ावा देना बताया है. कंपनी का लक्ष्य अपने कार्य करने के तरीके में गति और अनुशासन लाना है. बयान के अनुसार, तकनीक का अधिक इस्तेमाल करके कंपनी एक सुव्यवस्थित संगठन बनाना चाहती है जो दीर्घकालिक और लाभदायक विकास (Profitable Growth) सुनिश्चित कर सके. कंपनी का मानना है कि इन बदलावों से ग्राहकों को पहले से बेहतर अनुभव प्रदान करने में मदद मिलेगी.
आफ्टर सेल सर्विस में पिछड़ रही है कंपनी
बाजार में हिस्सेदारी खोने के साथ-साथ ओला इलेक्ट्रिक परिचालन संबंधी समस्याओं से भी जूझ रही है. ग्राहकों ने बड़े पैमाने पर सेवा में देरी, अनियमित डिलीवरी और खराब आफ्टर-सेल्स सर्विस की शिकायतें की हैं. हालांकि, कंपनी का दावा है कि वह अब इन मुद्दों को हल करने के लिए ‘हाइपरसर्विस’ मॉडल पर काम कर रही है, जिसके तहत देशभर में 80 प्रतिशत से अधिक सर्विस रिक्वेस्ट का समाधान उसी दिन किया जा रहा है.
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