NPS Vatsalya Scheme : एनपीएस योजना की शुरुआत तो सरकारी कर्मचारियों के लिए हुई थी, लेकिन अब इसका विस्तार नाबालिग बच्चों तक कर दिया गया है. पीएफआरडीए ने एनपीएस वात्सल्य योजना के नियमों में और भी बदलाव किए हैं, जिससे पैसे निकालना और भी आसान हो गया है.
पीएफआरडीए ने बताया कि नए नियमों के तहत यह निकासी 18 वर्ष की आयु से पहले दो बार और 18 से 21 वर्ष की आयु के बीच दो बार की जा सकती है, जो निर्धारित शर्तों के अधीन होगी. अब तक सदस्य के 18 वर्ष का होने तक अधिकतम 3 बार आंशिक निकासी की जा सकती थी. निकास विकल्प के संबंध में बताया गया कि सदस्यों के पास एनपीएस टियर-1 (सभी नागरिक मॉडल या कोई अन्य लागू मॉडल) में स्थानांतरित होने या कुल राशि का 80 फीसदी तक एकमुश्त पैसा निकालने का विकल्प होगा, जबकि न्यूनतम 20 फीसदी राशि से पेंशन के लिए एन्युटी खरीदनी होगी.
एकमुश्त निकासी के नियम हुए सरल
पीएफआरडीए के मुताबिक, यदि कुल जमा राशि 8 लाख रुपये या उससे कम है, तो पूरी राशि निकालने की अनुमति होगी. इससे पहले तक खाते में उपलब्ध कुल संचित राशि का कम से कम 80 फीसदी हिस्सा पेंशन खरीदने के लिए उपयोग करना अनिवार्य था और बाकी राशि का भुगतान एकमुश्त किया जाता था. नियमों में बदलाव आने की वजह से यह योजना और आकर्षक हो गई है, जिससे बड़ी संख्या में लोग अपने बच्चों के लिए भी एनपीएस वात्सल्य योजना के तहत खाता खुलवाने के लिए प्रेरित होंगे.
क्या है एनपीएस वात्सल्य योजना
पीएफआरडीए ने सितंबर, 2024 में एनपीएस वात्सल्य योजना की शुरुआत की थी, जो खासकर 18 साल से कम उम्र वाले बच्चों के लिए है. यह योजना भी एनपीएस का ही एक हिस्सा है, लेकिन इसमें सिर्फ बच्चों के नाम पर खाता खोला जाता है. इन खातों की देखरेख का जिम्मा अभिभावकों का होता है. इसका मकसद बच्चों के लिए रिटायरमेंट फंड बनाना है, जो लंबी अवधि में उनके लिए मोटा फंड जुटा सकते हैं. इसमें कम्पाउंडिंग का फायदा मिलता है, जो छोटी राशि को भी बड़े फंड में बदल सकता है.
बच्चों के नाम कैसे खुलवाएं खाता
- 18 साल से कम उम्र के बच्चों का परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर जारी किया जाता है.
- इसके तहत खोले गए खाते को माता-पिता या अभिभावक ही ऑपरेट करते हैं.
- इस खाते में एकमात्र लाभार्थी बच्चा ही होता है, न कि उसके माता-पिता.
- खास बात यह है कि इस तरह का खाता एनआरआई भी अपने बच्चों का खुलवा सकते हैं.
- इसमें निवेश की न्यूनतम राशि 1,000 रुपये है और अधिकतम कितनी भी राशि जमा कर सकते हैं.
- खाता खुलवाने के लिए एसबीआई, एचडीएफसी, बैंक ऑफ बड़ौदा, पोस्ट ऑफिस या एनपीएस के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से सुविधा ली जा सकती है.
18 साल की उम्र के बाद बदल जाता है खाता
एनपीएस वात्सल्य योजना के तहत बच्चे का खाता तो किसी भी उम्र में खोला जा सकता है, लेकिन उसके 18 साल का पूरा होने के बाद अकाउंट ऑटोमेटिक टीयर-1 खाते में बदल जाता है. तब बच्चे को दोबारा 3 महीने के अंदर केवाईसी करानी होती है. 18 साल की उम्र के बाद बच्चे को खुद खाता ऑपरेट करने की अनुमति मिल जाती है और अंशदान के लिए अभिभावक की जिम्मेदारी नहीं रह जाती. इनकम टैक्स की धारा 80CCD(1B) के तहत एनपीएस में निवेश पर 50 हजार की अतिरिक्त छूट भी मिलती है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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