अगले साल आने वाले 5.47 लाख करोड़ रुपये के कर्ज भुगतान के दबाव को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने ‘स्विच ऑपरेशन’ किया है. इसके तहत सरकार ने 75,504 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां वापस खरीदकर उन्हें 2040 तक की लंबी अवधि वाले बॉन्ड्स में बदल दिया है. आसान भाषा में कहें तो सरकार ने कर्ज चुकाने की अपनी डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया है.
इस ‘स्विच ऑपरेशन’ का मुख्य उद्देश्य अगले साल के वित्तीय दबाव को आज ही संभालना है. सरकार को अगले वित्त वर्ष में कुल 5.47 लाख करोड़ रुपये का पुराना कर्ज चुकाना है. अगर सरकार एक साथ इतनी बड़ी रकम चुकाती, तो उसे बाजार से बहुत ज्यादा नया कर्ज लेना पड़ता, जिससे ब्याज दरें बढ़ सकती थीं. इस कदम से अब सरकार के पास अगले साल खर्च करने के लिए अधिक वित्तीय गुंजाइश रहेगी.
क्या होता है ‘स्विच ऑपरेशन’ और इसका फायदा?
जब सरकार देखती है कि आने वाले कुछ समय में उसे बहुत सारा कर्ज चुकाना है, तो वह निवेशकों (बैंकों और बीमा कंपनियों) को एक ऑफर देती है. वह कहती है कि “आप हमें अगले साल पूरा होने वाला बॉन्ड वापस कर दें और उसके बदले हम आपको लंबी अवधि का नया बॉन्ड दे देंगे.” इससे सरकार को पैसा तुरंत नहीं चुकाना पड़ता और निवेशकों को लंबे समय तक निश्चित ब्याज (Return) मिलता रहता है.
बजट उधारी और बाजार पर असर
वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सरकार ने अपनी कुल उधारी का लक्ष्य 17.2 लाख करोड़ रुपये रखा है. इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह जरूरी था कि पुराने कर्जों का निपटारा पहले ही कर लिया जाए. इस नीलामी के बाद सरकारी बॉन्ड्स की ‘यील्ड’ (मुनाफे की दर) में 0.10% की बढ़ोतरी देखी गई है. इसका मतलब है कि बाजार अब सरकार की उधारी योजनाओं को लेकर अधिक सक्रिय हो गया है.
खरीदे गए और जारी किए गए बॉन्ड्स का ब्योरा
- वापस खरीदे गए (2026-27 में मैच्योर होने वाले): 7.27%, 8.33%, 8.15% और 8.24% ब्याज वाले अलग-अलग बॉन्ड्स (कुल 75,504 करोड़ रुपये).
- नए जारी किए गए (2040 में मैच्योर होने वाले): 8.30% जीएस 2040 (कुल 69,436 करोड़ रुपये).
इस कदम से सरकार ने यह सुनिश्चित कर लिया है कि अगले साल के बजट और विकास कार्यों के लिए फंड जुटाते समय पुराने कर्जों की किश्तें रुकावट न बनें.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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