अगर आप अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचत की योजना बना रहे हैं, तो यह योजना आपके लिए उपयोगी हो सकती है. सुकन्या समृद्धि खाता लंबी अवधि का सुरक्षित और टैक्स-फ्री विकल्प देता है. लेकिन खाता खोलने से पहले इसके नियम और शर्तें समझना जरूरी है. जानिए कौन खोल सकता है खाता और कैसे मिलेगा पूरा फायदा.
सुकन्या समृद्धि योजना (SSA) एक लोकप्रिय विकल्प है. (Image:AI)
कौन खोल सकता है खाता और कहां खुलेगा
यह खाता 10 साल से कम उम्र की बच्ची के नाम पर खोला जा सकता है. माता-पिता या कानूनी अभिभावक उसके नाम से खाता खोलते और संचालित करते हैं. एक बेटी के नाम पर केवल एक ही खाता खुल सकता है और एक परिवार अधिकतम दो बेटियों के लिए खाते खोल सकता है. जुड़वां या तीन बेटियों के मामले में विशेष छूट मिल सकती है. खाता अधिकृत बैंकों या डाकघर में खोला जा सकता है. इसके लिए जन्म प्रमाण पत्र, अभिभावक का पहचान और पता प्रमाण जैसे दस्तावेज देने होते हैं.
कितना निवेश करना होगा और कितने समय तक
इस योजना में सालाना न्यूनतम 250 रुपये जमा करना जरूरी है, ताकि खाता सक्रिय रहे. अधिकतम 1.5 लाख रुपये प्रति वित्त वर्ष जमा किए जा सकते हैं. आप यह रकम एकमुश्त या किस्तों में जमा कर सकते हैं. खाता खुलने की तारीख से 15 साल तक जमा करना होता है. इसके बाद भी बिना नई राशि डाले खाता परिपक्वता तक ब्याज कमाता रहता है. यह लंबी अवधि की योजना है, इसलिए निवेश करते समय अपनी वित्तीय योजना को ध्यान में रखना चाहिए.
ब्याज, परिपक्वता और निकासी के नियम
इस योजना की ब्याज दर हर तिमाही सरकार तय करती है और यह आमतौर पर सामान्य बचत खातों से ज्यादा होती है. खाता 21 साल में परिपक्व होता है. हालांकि जब बेटी 18 साल की हो जाती है, तब उच्च शिक्षा के लिए आंशिक निकासी की अनुमति मिलती है, कुछ शर्तों के साथ. 18 साल के बाद शादी होने पर भी पूरी राशि निकाली जा सकती है. यानी यह योजना लंबी अवधि के लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाई गई है.
टैक्स में फायदा और ध्यान रखने योग्य बातें
यह योजना EEE श्रेणी में आती है. इसका मतलब है कि निवेश पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत छूट मिलती है, ब्याज कर-मुक्त है और परिपक्वता राशि भी टैक्स-फ्री है. ऊंचे टैक्स स्लैब में आने वाले अभिभावकों के लिए यह बड़ा लाभ है. हालांकि याद रखें कि यह पैसा लंबे समय तक लॉक रहता है और समय से पहले बंद करना आसान नहीं है. इसलिए बेहतर है कि बेटी के भविष्य के लिए निवेश करते समय केवल इसी योजना पर निर्भर न रहें, बल्कि अन्य विकल्पों में भी संतुलित निवेश करें.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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