Salary for Women : महिला और पुरुषों के बीच घटती असमानता अब उनके वेतन में भी दिखाई देने लगी है. एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में अब पुरुषों के बराबर वेतन पाने के मामले में 67 फीसदी समानता दिखाई दे रही है. इस मामले में सबसे आगे रियल एस्टेट सेक्टर है, जहां महिला कर्मियों को भी पुरुषों के बराबर ही सैलरी मिलती है.
देश में 67 फीसदी महिलाओं को अब समान वेतन मिलता है.
रिपोर्ट के अनुसार, 67 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि उनके कार्यस्थल पर वेतन समानता है. इसमें सबसे ज्यादा विश्वास रियल एस्टेट (42 फीसदी) के प्रोफेशनल्स ने जताया, इसके बाद एफएमसीजी (38 फीसदी), फार्मास्युटिकल और लाइफ साइंसेज (38 फीसदी) और ऑटोमोबाइल्स (37 फीसदी) का स्थान रहा. इसके अलावा रिटेल (35 फीसदी), होटल और रेस्टोरेंट (35फीसदी), आईटी सर्विसेज और कंसल्टिंग (34 फीसदी), टेलीकॉम/आईएसपी (34 फीसदी), मेडिकल सर्विसेज/हॉस्पिटल (33 फीसदी) और ऑयल एंड गैस (33 फीसदी) के प्रतिभागियों ने भी वेतन समानता होने की बात कही है.
किस चीज की अभी है डिमांड
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर जारी इस रिपोर्ट में समान वेतन ऑडिट और मासिक धर्म अवकाश की बढ़ती मांग को भी उजागर किया गया है, जिसमें उच्च वेतन पाने वाले प्रोफेशनल्स के बीच यह मांग सबसे ज्यादा है. समान वेतन ऑडिट और मासिक धर्म अवकाश की मांग पिछले साल के 19 फीसदी से बढ़कर 27 फीसदी हो गई है, जिसमें सबसे ज्यादा मांग उच्च वेतन पाने वालों (48 फीसदी) के बीच देखी गई. रिपोर्ट के अनुसार, जितनी ऊंचाई पर महिलाएं पहुंचती हैं, उतना ही वे अंतर को महसूस करती हैं.
पक्षपात के डर से छुपाए प्लान
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि लगभग 50 फीसदी महिलाओं ने अपने निजी प्लान, जैसे शादी या मैटरनिटी प्लान, छुपाए क्योंकि उन्हें पक्षपात का डर था. हर दो में से एक महिला (50 फीसदी) इंटरव्यू के दौरान शादी या मैटरनिटी प्लान साझा करने में हिचकती है, जिसमें 34 फीसदी को पक्षपात का डर रहता है. यह हिचकिचाहट अनुभव के साथ बढ़ती है, जहां फ्रेशर्स में यह 29 फीसदी है, वहीं 10-15 साल के अनुभव वाली महिलाओं में यह 40 फीसदी तक पहुंच जाती है.
प्रमोशन में पक्षपात सबसे बड़ी चुनौती
रिपोर्ट में लगभग 42 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि भर्ती और प्रमोशन में पक्षपात कार्यस्थल पर विविध महिलाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, जो साल-दर-साल 7 बेसिस प्वाइंट बढ़ी है. यह ट्रेंड चेन्नई (44 फीसदी) और दिल्ली/एनसीआर (43 फीसदी) जैसे बड़े मेट्रो शहरों में भी देखने को मिला. इन चुनौतियों के बावजूद 83 फीसदी प्रतिभागी नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित महसूस करती हैं, जो पहले 66 फीसदी थी.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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