Government Income in 2026-27 : सरकार ने इस बार बजट का खर्चा करीब 5.5 फीसदी बढ़ाया है तो उसे होने वाले टैक्स कलेक्शन में 8 फीसदी उछाल आने का अनुमान है. सरकार को बैंकिंग सेक्टर से मोटा डिविडेंड भी मिलेगा.
बजट में अनुमान लगाया गया है कि वित्तवर्ष 2026-27 में कॉरपोरेट कर संग्रह 11 फीसदी बढ़कर 12.31 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष में यह 11.09 लाख करोड़ रुपये था. प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) संग्रह का अनुमान 73,700 करोड़ रुपये लगाया गया है, जो वित्तवर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान (आरई) 63,670 करोड़ रुपये से अधिक है. व्यक्तिगत आयकर (पीआईटी) और कॉरपोरेट कर संग्रह (सीआईटी) सहित कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह वित्तवर्ष 2026-27 के लिए 26.97 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है.
डायरेक्ट टैक्स में भी उछाल
राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि वित्तवर्ष 2026-27 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 1.14 फीसदी उछाल आने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि अप्रत्यक्ष करों की बात करें तो सीमा शुल्क से 2.71 लाख करोड़ रुपये और उत्पाद शुल्क से 3.89 लाख करोड़ रुपये का संग्रह होने का अनुमान है. इसके अलावा माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह वित्त वर्ष 2026-27 में 2.59 फीसदी कम होकर 10.19 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 10.46 लाख करोड़ रुपये था. वित्तमंत्री ने कहा कि हमें उम्मीद है कि इन सभी सुधारों के साथ करों में वृद्धि की दर अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर से भी तेज होगी.
बैंकों से मिलेगा मोटा लाभांश
केंद्र सरकार को वित्तवर्ष 2026-27 में भारतीय रिजर्व बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक और वित्तीय संस्थानों से लाभांश और अधिशेष के रूप में 3.16 लाख करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है, जो चालू वित्तवर्ष की तुलना में लगभग 3.75 फीसदी अधिक है. संसद में प्रस्तुत संशोधित अनुमान (आरई) के अनुसार, चालू वित्तवर्ष के दौरान केंद्र सरकार को लगभग 3.05 लाख करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है, जो फरवरी, 2025 में पेश किए गए आम बजट में 2.56 लाख करोड़ रुपये था. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और अन्य निवेश से मिलने वाला लाभांश 75,000 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो चालू वित्त वर्ष के बजट में 71,000 करोड़ रुपये था.
मान मसाला पर सेस से मोटी कमाई
सरकार को वित्तवर्ष 2026-27 में पान मसाला विनिर्माण पर लगाए गए स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर से 14,000 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है. पान मसाले पर एक फरवरी से स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर लगाया गया है, जो 40 फीसदी जीएसटी के अतिरिक्त है. इस उपकर की गणना पान मसाला बनाने वाली इकाइयों की उत्पादन क्षमता के आधार पर की जाएगी. 40 फीसदी जीएसटी को जोड़ने के बाद पान मसाले पर कुल कर भार 88 फीसदी ही रहेगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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