Toll Plaza New Rule : राजमार्ग मंत्रालय ने टोल प्लाजा के नियमों में बदलाव करते हुए कहा है कि अब अगर किसी का टोल बकाया रहेगा तो वह अपनी गाड़ी बेच नहीं पाएगा. साथ ही उसे वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र भी नहीं जारी किया जाएगा.
मंत्रालय ने बताया कि इन संशोधनों का मकसद उपयोग शुल्क अनुपालन में सुधार करना, इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह की दक्षता बढ़ाना और राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल चोरी को हतोत्साहित करना है. मंत्रालय ने कहा कि ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (एमएलएफएफ) प्रणाली लागू होने के बाद भी ये प्रावधान उपयोग शुल्क संग्रह को मजबूत बनाने में मदद करेंगे. इस प्रणाली के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर बिना किसी बैरियर के टोल वसूली की जाएगी.
बकाया नहीं चुकाया तो क्या होगा
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि टोल देनदारी बकाया होने की स्थिति में वाहन के ट्रांसफर, फिटनेस रिन्यू और परमिट के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी नहीं किया जाएगा. संशोधित नियमों के तहत ‘अपूर्ण उपयोग शुल्क’ की एक नई परिभाषा जोड़ी गई है. यह ऐसा शुल्क होगा जो राष्ट्रीय राजमार्ग के किसी हिस्से के उपयोग के लिए देय माना गया है, जहां इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली ने वाहन की आवाजाही दर्ज की हो, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत निर्धारित शुल्क प्राप्त नहीं हुआ हो.
क्या है इस बदलाव का मकसद
मंत्रालय ने कहा कि ये संशोधन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को पारदर्शी और प्रौद्योगिकी-आधारित टोलिंग प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद करेंगे, जिससे देशभर में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के सतत विकास और रखरखाव को बल मिलेगा. इसके साथ ‘फॉर्म 28’ में भी संबंधित बदलाव किए गए हैं. अब इस फॉर्म में आवेदक को यह खुलासा करना होगा कि वाहन के खिलाफ किसी टोल प्लाजा पर अपूर्ण उपयोग शुल्क की मांग लंबित है या नहीं. साथ ही उसका विवरण भी देना होगा.
क्या होता है फॉर्म 28
डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देते हुए नियमों में नामित ऑनलाइन पोर्टल के जरिये फॉर्म 28 के प्रासंगिक हिस्सों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी करने का प्रावधान भी किया गया है. फॉर्म 28 वाहन हस्तांतरण के लिए एक जरूरी दस्तावेज है, जो यह प्रमाणित करता है कि वाहन पर कोई लंबित कर, चालान या कानूनी अड़चन नहीं है. मंत्रालय ने बताया कि ये संशोधन 11 जुलाई 2025 को जारी मसौदा नियमों पर हितधारकों और आम जनता से प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अधिसूचित किए गए हैं. मसौदा अधिसूचना की प्रतियां 14 जुलाई 2025 को सार्वजनिक की गई थीं. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी कहा था कि साल 2026 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर निर्बाध, बैरियर-मुक्त टोलिंग प्रणाली लागू करना सरकार की प्राथमिकता है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
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