Gold Importers To India: भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयात करने वाले देशों में से एक है. देश में सोने का उत्पादन बहुत कम होता है, जबकि मांग (ज्वेलरी, निवेश, त्योहार, शादियां) बहुत ज्यादा है. इसलिए भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना विदेशों से मंगाता है. आयात की मात्रा त्योहारों (जैसे दिवाली), शादी के सीजन और वैश्विक कीमतों पर निर्भर करती है. अब आपके मन में एक सवाल जरूर आया होगा कि वह कौन-कौन से देश हैं जहां से सोना भारत में आता है?
भारत में सोने के बाजार में पिछले एक सप्ताह से भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. कीमतों में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण उपभोक्ता खरीदारी करने में हिचकिचा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप लगभग एक महीने बाद सोना रियायती कीमतों पर बिक रहा है. अंतरराष्ट्रीय मांग के बावजूद, घरेलू बिक्री में आई मंदी व्यापारियों के लिए चिंता का विषय है. सोने के बाजार के विशेषज्ञ स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं.

आभूषण निर्माता निर्माण शुल्क में भारी छूट दे रहे हैं, फिर भी खरीदार रुचि नहीं दिखा रहे हैं. खुदरा ग्राहकों का मानना है कि बढ़ी हुई कीमतों पर निवेश करना उचित नहीं है. हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में भी आभूषण की दुकानें खुलने जा रही हैं. दस ग्राम की कीमत, जो पिछले कुछ हफ्तों में 1.33 लाख रुपये थी, अब बढ़कर 1.54 लाख रुपये हो गई है, जिससे आम आदमी हैरान है.

घरेलू व्यापारी आधिकारिक कीमतों पर 12 डॉलर प्रति औंस तक की छूट दे रहे हैं. इसमें केंद्र सरकार द्वारा लगाया गया 6 प्रतिशत आयात शुल्क और 3 प्रतिशत बिक्री कर शामिल है. पिछले सप्ताह अतिरिक्त कीमत (प्रीमियम) वसूलने वाले व्यापारियों को अब स्टॉक बढ़ने के कारण छूट देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। घरेलू कीमतों पर विदेशी बाजारों का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है.
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सरकार संयुक्त अरब अमीरात से लगभग 80 मीट्रिक टन सोना आयात करने की तैयारी कर रही है. मुख्य निर्यातक देश जो भारत को सोना भेजते हैं, उनमें सबसे ऊपर स्विट्जरलैंड है. स्विट्जरलैंड से सबसे ज्यादा सोना आता है क्योंकि वहां दुनिया की कुछ बेहतरीन रिफाइनरी हैं जो शुद्ध और अच्छी क्वालिटी का सोना बनाती हैं. 2024 में स्विट्जरलैंड से करीब 19.6 बिलियन डॉलर का सोना भारत आया था.

इसके बाद दूसरा बड़ा नाम यूएई यानी संयुक्त अरब अमीरात का है, खासकर दुबई को गोल्ड का शहर कहते हैं. यूएई से भी बहुत बड़ा हिस्सा आता है, 2024 में लगभग 16.1 बिलियन डॉलर का. भारत और यूएई के बीच व्यापार समझौता होने से यहां से आयात आसान और कभी-कभी सस्ता भी हो जाता है. कई बार यूएई से सोना री-एक्सपोर्ट होता है, मतलब दूसरे देशों से आकर यहां रिफाइन होकर भारत पहुंचता है.

तीसरा महत्वपूर्ण देश दक्षिण अफ्रीका है, जहां से अच्छी मात्रा में सोना भारत आता है. 2024 में दक्षिण अफ्रीका से करीब 6.35 बिलियन डॉलर का आयात हुआ। यह देश सोने की खदान के लिए मशहूर है और भारत के साथ उसके अच्छे संबंध भी मदद करते हैं. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया भी सोना भेजता है लेकिन टॉप लिस्ट में यह थोड़ा पीछे रहता है, हालांकि यूजर ने इसे शामिल किया है तो यह भी एक स्रोत है. कभी-कभी पेरू जैसे देश भी टॉप में आ जाते हैं.

हाल ही के महीनों में सोने में जोरदार तेजी देखी गई. विश्लेषकों का अनुमान है कि लंबी अवधि में सोने की कीमतों में और वृद्धि होने की संभावना है. यदि 2026 के अंत तक एक औंस सोने की कीमत 6,000 डॉलर तक पहुंच जाए तो यह कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी. अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति के दबाव सोने की कीमतों को मजबूती प्रदान कर रहे हैं. इसका मुख्य कारण केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़े भंडार का संचय है.

बाजार सूत्रों का मानना है कि मौजूदा मूल्य गिरावट अल्पकालिक है. निवेशकों द्वारा लाभ-संचयन को प्राथमिकता देने के कारण बाजार पर कुछ दबाव है. हालांकि, सुरक्षित निवेश के रूप में सोने का मूल्य कभी कम नहीं होगा. लोगों में यह दृढ़ विश्वास है कि भविष्य की आर्थिक अनिश्चितता के सामने सोना ही एकमात्र सुरक्षित ठिकाना होगा.
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