अमेरिकी सांसदों ने भारत से दालों पर 30% टैरिफ हटाने की मांग की है. उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को पत्र लिखकर कहा कि भारत के साथ होने वाले किसी भी ट्रेड डील में पल्स क्रॉप्स के लिए अनुकूल शर्तें रखी जाएं. सांसदों के अनुसार, नॉर्थ डकोटा और मोंटाना अमेरिका के बड़े दाल उत्पादक राज्य हैं, जबकि भारत इनका सबसे बड़ा उपभोक्ता है. भारत ने पिछले साल येलो पीज़ पर 30% आयात शुल्क लगाया था, जिससे अमेरिकी किसानों को भारत में अपने उत्पाद बेचने में परेशानी आई.
सांसदों का कहना है कि भारत ने पिछले साल येलो पीज़ (पीली मटर) पर 30% आयात शुल्क लगा दिया, जिससे अमेरिकी किसानों को भारी नुकसान हुआ. उनके मुताबिक, इन “अनुचित” भारतीय टैरिफ की वजह से अमेरिकी दाल उत्पादक भारत में अपना हाई क्वालिटी वाला प्रोडक्ट्स बेचने में कॉम्टिशन से बाहर हो गए हैं.
बेहतर व्यापार होने की उम्मीद
केविन क्रैमर और स्टीव डेंस ने कहा कि साल 2020 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी किसानों को बातचीत की मेज पर लाने के लिए राजी करने में मदद की थी. सांसदों ने लिखा कि अमेरिकी किसानों में दुनिया को भोजन और ईंधन देने की जबरदस्त क्षमता है, अगर उन्हें बेहतर व्यापार के मौके मिलें. उनके मुताबिक, दालों पर टैरिफ को लेकर पीएम मोदी से बातचीत करना दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा और इससे अमेरिकी उत्पादकों और भारतीय उपभोक्ताओं, दोनों को लाभ मिलेगा.
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने दिया ये संकेत
भारत और अमेरिका के बीच फिलहाल द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर सक्रिय बातचीत चल रही है. हालांकि, पिछले साल ट्रंप ने 50% टैरिफ लगाया था, जिसमें रूस से कच्चा तेल खरीदने पर 25% की पेनल्टी भी शामिल थी. वहीं भारत ने साफ कर दिया है कि कृषि और डेयरी जैसे कुछ संवेदनशील सेक्टरों में वह कोई समझौता नहीं करेगा. इस बीच, इस हफ्ते अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने संकेत दिया कि “असल दोस्तों” भारत और अमेरिका के बीच जो भी मुद्दे हैं, उनका समाधान जल्द ही निकल आएगा.
अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने ट्रेड डील को लेकर भी पॉजिटिव संकेत दिए थे. 12 जनवरी को नई दिल्ली में कहा था कि 13 जनवरी को दोनों देशों के बीच इस डील पर फिर से बातचीत शुरू होगी. उन्होंने बताया कि दोनों तरफ से सक्रिय रूप से चर्चा हो रही है और अगली बातचीत आज यानी 13 जनवरी को होगी. इससे उम्मीद जगी है कि ट्रेड डील पक्की हो सकती है.
Discover more from Business News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.