दलाल स्ट्रीट के लिए राहत की खबर
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. अमेरिका भारत का बड़ा व्यापारिक साझेदार है और 50 अरब डॉलर से ज्यादा का निर्यात प्रभावित हो रहा था. टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे श्रम-प्रधान सेक्टर टैरिफ से दबाव में थे. अब 18 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ हटने से करीब 55 फीसदी भारतीय निर्यात पर सिर्फ 10 फीसदी शुल्क लागू होगा. इससे भारतीय कंपनियों के मुनाफे में सुधार की उम्मीद है और शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बन सकता है.
सेक्टर-विशेष टैरिफ अब भी कायम
हालांकि राहत पूरी तरह नहीं मिली है. स्टील, एल्युमीनियम, ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक उत्पादों पर लगाए गए अलग-अलग कानूनों के तहत टैरिफ अभी भी जारी रहेंगे. इसका मतलब है कि इन क्षेत्रों में काम करने वाली कंपनियों पर असर बना रहेगा. इसलिए बाजार में शुरुआती उत्साह के बाद सेक्टर-वार प्रदर्शन अलग-अलग दिख सकता है. निवेशकों को चुनिंदा सेक्टर पर फोकस करना होगा.
गिफ्ट निफ्टी ने दिया मजबूत संकेत
जब ये घटनाक्रम हुआ तब भारतीय बाजार बंद था, लेकिन गिफ्ट निफ्टी खुला था. NIFTY 50 शुक्रवार को 25,571 पर बंद हुआ, जबकि Gift Nifty 25,764 के आसपास बंद हुआ, जो करीब 200 अंक की बढ़त दिखाता है. यह संकेत देता है कि सोमवार को बाजार गैप-अप ओपनिंग के साथ शुरुआत कर सकता है. जानकारों का अनुमान है कि BSE Sensex में 500 अंकों से ज्यादा की तेजी संभव है.
सोना-चांदी में सुरक्षित निवेश की मांग
टैरिफ पर कानूनी खींचतान और नई 10 फीसदी वैश्विक ड्यूटी की घोषणा से वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ गई है. ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं. सोना और चांदी पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माने जाते हैं. साथ ही मध्य-पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और भू-राजनीतिक जोखिम भी कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा दे रहे हैं. यही वजह है कि सोमवार को सोना-चांदी में भी सकारात्मक शुरुआत हो सकती है.
आज का गोल्ड रेट आउटलुक
तकनीकी स्तर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,880 डॉलर प्रति औंस के आसपास मजबूत सपोर्ट पर है. घरेलू बाजार में यह करीब 1,49,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर सहारा पा रहा है. ऊपर की ओर 5,100 से 5,120 डॉलर और 1,61,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रेजिस्टेंस दिख रहा है. अगर यह स्तर लगातार टूटता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5,350 डॉलर और भारत में 1,75,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का रास्ता खुल सकता है.
चांदी में भी बड़ी चाल की तैयारी
चांदी फिलहाल 70 डॉलर प्रति औंस और 2,25,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास सपोर्ट ले रही है. रेजिस्टेंस 86 डॉलर और 2,75,000 से 2,78,000 रुपये के बीच है. अगर व्यापारिक तनाव और बढ़ता है या भू-राजनीतिक जोखिम तेज होता है, तो चांदी 3,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक जा सकती है. चीन के निवेशकों की बाजार में वापसी से वॉल्यूम बढ़ेगा, जिससे कीमतों में मजबूत ट्रेंड देखने को मिल सकता है.
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
कुल मिलाकर अमेरिकी फैसले ने बाजार को नई दिशा दी है. शेयर बाजार में शुरुआती तेजी की संभावना है, लेकिन सेक्टर-आधारित रणनीति जरूरी होगी. सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव के बीच दीर्घकालिक निवेशकों को चरणबद्ध खरीदारी पर विचार करना चाहिए. वैश्विक व्यापार नीति, अमेरिकी राजनीतिक बयानबाजी और भू-राजनीतिक हालात आने वाले दिनों में बाजार की चाल तय करेंगे. ऐसे में सतर्कता और संतुलित निवेश ही समझदारी भरा कदम होगा.
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