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लॉस एंजेलिस में रहने वाले 41 साल के मैथ्यू गैलाघर ने AI की मदद से ₹17 हजार करोड़ की कंपनी बना दी। कंपनी का नाम मेडली है जिसे बनाने में सिर्फ दो महीने और 18 लाख रुपए खर्च हुए हैं।
मेडवी एक टेलीहेल्थ स्टार्टअप है जो वजन घटाने वाली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और परामर्श देता है। यह इसलिए चर्चा में है क्योंकि इस कंपनी का सालाना रेवेन्यू करीब ₹17 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इस कंपनी में सिर्फ दो कर्मचारी हैं। मैथ्यू गैलाघर और उनके भाई इलियट।
कोड, कंटेंट, इमेज सारे काम AI से कराए
मैथ्यू ने सॉफ्टवेयर का कोड, वेबसाइट का कंटेंट, विज्ञापन के लिए इमेज और वीडियो भी AI से बनाए। यहां तक कि कस्टमर सर्विस के लिए AI बॉट्स तैनात किए।
- कोडिंग और कंटेंट के लिए चैटजीपीटी, क्लॉड और ग्रॉक की मदद ली गई।
- विज्ञापन के लिए मिडजर्नी और रनवे जैसे टूल्स से इमेजेस और वीडियो एड्स बनाए।
- कस्टमर सर्विस के लिए AI वॉइस टूल्स और चैटबॉट्स का इस्तेमाल किया।
- मैथ्यू ने अपॉइंटमेंट फिक्स करने के लिए अपनी आवाज का AI क्लोन भी बनाया।
दवाओं की डिलीवरी के लिए दूसरी प्लेटफॉर्म्स से पार्टनरशिप
दवाओं की डिलीवरी और डॉक्टरों का काम देखने के लिए मैथ्यू ने ‘केयर वैलिडेट’ और ‘ओपनलूप’ जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ पार्टनरशिप की है। ये कंपनियां डॉक्टरों का नेटवर्क, दवाएं और शिपिंग संभालती हैं। मेडवी मुख्य रूप से AI के जरिए मार्केटिंग और कस्टमर एक्विजिशन का काम करती है।
पहले साल करीब 3,700 करोड़ रुपए की सेल्स
सितंबर 2024 में शुरू हुई इस कंपनी को पहले महीने में 300 और दूसरे महीने में 1,000 नए ग्राहक मिले। पहले पूरे साल में कंपनी ने करीब 3,700 करोड़ रुपए की सेल्स की।
भ्रामक विज्ञापनों के लिए FDA की चेतावनी मिली
अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने कंपनी को भ्रामक विज्ञापनों के लिए चेतावनी भी दी है। इसके अलावा, कैलिफोर्निया में कंपनी पर एंटी-स्पैम कानून के उल्लंघन का मुकदमा भी दर्ज हुआ है। शुरुआत में कंपनी के AI चैटबॉट्स ने गलत कीमतें बताने जैसी गलतियां भी की थीं।
भविष्य में भी कर्मचारियों की भर्ती की योजना नहीं
मैथ्यू का कहना है कि वे ज्यादा लोग भर्ती नहीं करना चाहते क्योंकि इससे फैसले लेने में देरी होती है और खर्च बढ़ता है। हालांकि, उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे कभी-कभी अकेलापन महसूस करते हैं, इसलिए शायद भविष्य में ‘साथ’ के लिए किसी को रखें।
60 कर्मचारियों वाली कंपनी घाटे में थी, 2 वाली मुनाफे में
मैथ्यू का यह पहला बिजनेस नहीं है। 2016 csx उन्होंने ‘वॉच गैंग’ नाम की कंपनी शुरू की थी, जिसमें 60 कर्मचारी थे। रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद वह कंपनी कभी मुनाफे में नहीं आ पाई। इसके उलट, AI की मदद से सिर्फ दो लोगों द्वारा चलाई जा रही ‘मेडली’ आज करोड़ों के मुनाफे में है।
सैम ऑल्टमैन की भविष्यवाणी सच हुई
ओपनएआई के CEO सैम ऑल्टमैन ने 2024 में भविष्यवाणी की थी कि जल्द ही ऐसी कंपनियां आएंगी जो सिर्फ एक व्यक्ति चलाएगा और उनकी वैल्यू 1 अरब डॉलर होगी। मैथ्यू की सफलता पर ऑल्टमैन ने कहा कि वह इस शख्स से मिलना चाहेंगे जिसने उनकी भविष्यवाणी को सच कर दिखाया।
नॉलेज पार्ट
AI एजेंट्स क्या है?
ये ऐसे प्रोग्राम होते हैं जो बिना किसी इंसानी दखल के खुद से काम पूरा कर सकते हैं। जैसे- ईमेल का जवाब देना, डेटा का एनालिसिस करना या कस्टमर की शिकायतों को सुलझाना।
क्या आप भी बना सकते हैं ऐसी कंपनी?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ‘सोलप्रेन्योर’ के लिए 3 स्किल जरूरी हैं:
- मार्केटिंग की समझ: ग्राहक कहां है और उसे क्या चाहिए।
- AI का इस्तेमाल: काम को ऑटोमेट करने की क्षमता।
- आउटसोर्सिंग: जो काम आप नहीं कर सकते उसे सही प्लेटफॉर्म्स को सौंपना।
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