विदेश से भारत आने वाले यात्रियों के लिए कस्टम नियमों में बदलाव हुआ है। अब भारतीय नागरिकों के लिए ड्यूटी-फ्री लिमिट को बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है। साथ ही ज्वेलरी लाने के नियमों को अब कीमत के बजाय वजन के आधार पर तय किया गया है। वित्त मंत्रालय के इस फैसले से अब एयरपोर्ट पर कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो जाएगी। सरकार का कहना है कि कागजी कार्रवाई कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए यह बदलाव किए गए हैं। ये नए नियम 2 फरवरी, 2026 से लागू हो गए हैं। किसे कितनी मिलेगी छूट हवाई या समुद्री मार्ग से आने वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग कैटेगरी बनाई गई है। अगर आप सड़क मार्ग से भारत आ रहे हैं, तो किसी भी नागरिक को कोई जनरल ड्यूटी-फ्री छूट नहीं मिलेगी। जवेलरी के नियम हुए आसान, अब वजन से होगा फैसला कस्टम विभाग ने ज्वेलरी पर पुराने ‘वैल्यू कैप’ यानी कीमत की सीमा को खत्म कर दिया है। अब सिर्फ वजन देखा जाएगा। यह छूट उन लोगों को मिलेगी जो एक साल से ज्यादा समय से विदेश में रह रहे हैं: जरूरी सामान की कैटेगरी में भी बदलाव ट्रांसफर ऑफ रेजिडेंस: ₹7.50 लाख तक का फायदा जो लोग विदेश से अपना काम खत्म कर भारत शिफ्ट हो रहे हैं उनके लिए अब सामान की लिस्ट के बजाय रुकने की अवधि के हिसाब से वैल्यू तय की गई है: डिजिटल डिक्लेरेशन: अब ऐप से दे सकेंगे जानकारी कस्टम प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार ने डिजिटल सिस्टम पर जोर दिया है। यात्री अब ‘ICEGATE’ पोर्टल या सरकारी एप के जरिए इलेक्ट्रॉनिक डिक्लेरेशन दे सकेंगे। इससे एयरपोर्ट पर रेड चैनल और ग्रीन चैनल की प्रक्रिया में लगने वाला समय बचेगा।
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