क्या आप भी अपने बेकार पड़े क्रेडिट कार्ड को बंद करने की सोच रहे हैं? सिर्फ सालाना फीस बचाने के लिए लिया गया यह फैसला महंगा पड़ सकता है. क्रेडिट कार्ड बंद करने का असर सीधे आपके क्रेडिट स्कोर पर पड़ता है. इसलिए कॉल करने से पहले इसका पूरा गणित समझ लेना बेहद जरूरी है.
क्रेडिट कार्ड बंद करना सही या गलत? क्रेडिट स्कोर की पूरी सच्चाई. (Image:AI)
क्रेडिट यूटिलाइजेशन पर पड़ सकता है असर
क्रेडिट स्कोर तय करने में एक अहम फैक्टर होता है आपका क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो, यानी आप अपनी कुल उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का कितना हिस्सा इस्तेमाल कर रहे हैं. मान लीजिए आपके पास दो कार्ड हैं और कुल लिमिट 5 लाख रुपये है. यदि आपने 1 लाख रुपये खर्च किए हैं तो आपका उपयोग 20 प्रतिशत है, जो अच्छा माना जाता है. लेकिन अगर आप 2 लाख लिमिट वाला एक कार्ड बंद कर देते हैं, तो कुल लिमिट घटकर 3 लाख रह जाएगी. अब वही 1 लाख खर्च 33 प्रतिशत हो जाएगा. आपका खर्च नहीं बदला, लेकिन अनुपात बढ़ गया. यही बढ़ा हुआ अनुपात आपके स्कोर पर दबाव डाल सकता है.
पुराना कार्ड बंद किया तो घट सकती है हिस्ट्री
क्रेडिट स्कोर में आपके खातों की उम्र भी मायने रखती है. जितना पुराना और नियमित भुगतान वाला रिकॉर्ड होगा, उतना भरोसेमंद प्रोफाइल बनता है. अगर आप अपना सबसे पुराना कार्ड बंद कर देते हैं, तो आपकी औसत क्रेडिट हिस्ट्री कम हो सकती है. खासकर तब, जब आपका कुल क्रेडिट अनुभव ज्यादा लंबा न हो. हालांकि अगर बंद किया जा रहा कार्ड नया है और उसका इतिहास छोटा है, तो असर सीमित रह सकता है.
क्रेडिट मिक्स और प्रोफाइल भी बदल सकता है
बैंकों और क्रेडिट ब्यूरो को यह भी पसंद आता है कि आपके पास अलग-अलग तरह के लोन या क्रेडिट प्रोडक्ट हों. यदि आपके पास सिर्फ एक ही क्रेडिट कार्ड है और आप उसे भी बंद कर देते हैं, तो आपके प्रोफाइल में सिर्फ होम लोन या कार लोन जैसे सुरक्षित लोन ही बचेंगे. इससे आपका क्रेडिट मिक्स सीमित हो सकता है. हालांकि यह बहुत बड़ा फैक्टर नहीं है, लेकिन संतुलित प्रोफाइल बनाए रखने में एक सक्रिय और सही तरीके से इस्तेमाल किया गया कार्ड मददगार होता है.
बंद करना है तो अपनाएं समझदारी
हर स्थिति में कार्ड बंद करना गलत नहीं है. यदि कार्ड पर भारी सालाना फीस है और आपको उसका लाभ नहीं मिल रहा, तो उसे रखना भी समझदारी नहीं. लेकिन बंद करने से पहले बाकी कार्डों पर बकाया कम रखें, ताकि यूटिलाइजेशन ज्यादा न बढ़े. सभी देनदारियां चुकाकर ही क्लोजर का अनुरोध करें और लिखित पुष्टि जरूर लें. अंत में याद रखें, साफ वॉलेट अच्छा है, लेकिन मजबूत क्रेडिट प्रोफाइल उससे भी ज्यादा जरूरी है.
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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