‘Either or Survivor’ का मतलब है कि अकाउंट के दोनों धारक जीवित रहते हुए स्वतंत्र रूप से उसे चला सकते हैं. यदि उनमें से एक की मृत्यु हो जाती है, तो बैंक जीवित व्यक्ति को पूरा पैसा देने के लिए अधिकृत होता है. बैंक की कानूनी जिम्मेदारी यहीं समाप्त हो जाती है. लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि यह व्यवस्था केवल बैंकिंग ऑपरेशन से जुड़ी है, यह पैसे की वास्तविक कानूनी मालिकाना हक को तय नहीं करती.
असली कानूनी स्थिति क्या है?
मृत्यु के बाद किसी व्यक्ति का हिस्सा उसके कानूनी वारिसों का होता है. यदि वसीयत मौजूद है तो संपत्ति उसी के अनुसार बंटेगी. यदि वसीयत नहीं है, तो उत्तराधिकार कानून लागू होंगे, जैसे हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम या भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम.
यानी अगर पति ने अपनी कमाई का पैसा जॉइंट अकाउंट में डाला था और उनकी मृत्यु हो जाती है, तो पत्नी को बैंक से पैसा मिल सकता है, लेकिन बच्चों, माता-पिता या अन्य कानूनी वारिसों का अधिकार खत्म नहीं होता. वे अदालत में दावा कर सकते हैं.
पैसा कैसे फंस सकता है?
मान लीजिए पत्नी ने ‘Either or Survivor’ के तहत पूरा पैसा निकाल लिया. बाद में बच्चे या अन्य वारिस कोर्ट चले जाते हैं. अदालत स्टे ऑर्डर जारी कर सकती है, अकाउंट फ्रीज हो सकता है या पत्नी को पैसे का हिस्सा वापस करना पड़ सकता है. कई मामलों में सरवाइवर को पूरा हिसाब देना पड़ता है कि पैसा किस आधार पर निकाला गया. यही वह स्थिति है जहां परिवार में विवाद, कानूनी नोटिस और लंबी मुकदमेबाजी शुरू हो सकती है.
नॉमिनी और इस क्लॉज में अंतर
बहुत लोग मानते हैं कि नॉमिनी या सरवाइवर ही अंतिम मालिक होता है. जबकि सच्चाई यह है कि नॉमिनी केवल धन प्राप्त करने का माध्यम होता है, असली मालिकाना हक कानूनी वारिसों का ही रहता है. ‘Either or Survivor’ क्लॉज भी वारिसों का अधिकार समाप्त नहीं करता.
अन्य जोखिम
अगर पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव हो, तो कोई भी बिना दूसरे की अनुमति पूरा पैसा निकाल सकता है. तलाक या अलगाव की स्थिति में यह साबित करना मुश्किल हो सकता है कि पैसा किसका था. बड़े अमाउंट पर टैक्स और उत्तराधिकार संबंधी जटिलताएं भी सामने आ सकती हैं.
क्या करें ताकि भविष्य में विवाद न हो?
सबसे सुरक्षित तरीका है स्पष्ट वसीयत बनवाना, जिसमें जॉइंट अकाउंट और निवेश की राशि के बारे में साफ निर्देश हों. बड़े निवेश के लिए अलग-अलग अकाउंट और सही नॉमिनेशन रखना भी समझदारी है. यदि परिवार में संपत्ति को लेकर संभावित विवाद हो सकता है, तो अकाउंट खोलते समय कानूनी सलाह जरूर लें.
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