Home Loan Overdraft: घर का लोन ले रखा है? अगर आपके पास कभी-कभी एक्स्ट्रा पैसे (सैलरी बोनस, बिजनेस से कमाई वगैरह) आते हैं, तो आप उन्हें बैंक में FD या कहीं और रखने की बजाय होम लोन ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी में डाल सकते हैं. इससे आप ब्याज का बोझ घटा सकते हैं.
होम लोन ओवरड्राफ्ट में आपका लोन अकाउंट सेविंग्स या करंट अकाउंट से जुड़ा होता है. EMI के अलावा जो भी अतिरिक्त पैसा आप इस अकाउंट में रखते हैं, उसे बैंक प्री-पेमेंट की तरह मानता है. इससे आपके लोन का बकाया अमाउंट घटता है और रोजाना के हिसाब से ब्याज कम लगता है.
जरूरत पड़ने पर आप पैसे वापस निकाल सकते हैं
इस सुविधा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जरूरत पड़ने पर आप रखा हुआ पैसा कभी भी निकाल सकते हैं. जैसे ही आप पैसा निकालते हैं, वह रकम दोबारा लोन में जुड़ जाती है और उसी हिसाब से ब्याज कैलकुलेट होने लगता है यानी पैसा भी आपके पास रहता है और ब्याज बचत भी होती है.
OD में डाले पैसे पर सेक्शन 80C टैक्स छूट नहीं मिलती
बैंक इस तरह के होम लोन पर आमतौर पर 0.10% से 0.30% ज्यादा ब्याज लेते हैं. इसके अलावा OD अकाउंट में रखा अतिरिक्त पैसा इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत छूट के दायरे में नहीं आता, क्योंकि इसे औपचारिक प्री-पेमेंट नहीं माना जाता.
किसके लिए बेस्ट है होम लोन ओवरड्राफ्ट?
यह सुविधा उन लोगों के लिए ज्यादा फायदेमंद है, जिनकी इनकम रेगुलर नहीं होती या जिनके पास अक्सर सरप्लस कैश रहता है जैसे बिजनेस ओनर, सेल्फ-एम्प्लॉयड प्रोफेशनल या बोनस पाने वाले सैलरीड कर्मचारी. एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर आपकी निवेश से मिलने वाली रिटर्न (टैक्स के बाद) होम लोन ब्याज से कम है, तो OD अकाउंट बेहतर विकल्प है. वहीं, लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करने वाले और जोखिम लेने की क्षमता रखने वालों के लिए म्यूचुअल फंड जैसे विकल्प ज्यादा फायदेमंद हो सकते हैं.
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प्रिंट मीडिया से करियर की शुरुआत करने के बाद पिछले 8 सालों से News18Hindi में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं. लगभग 4 सालों से बिजनेस न्यूज टीम का हिस्सा हैं. मीडिया में करीब डेढ़ दशक का अनुभव रखते हैं. बिजन…और पढ़ें
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