Income Tax Refund : इनकम टैक्स रिफंड में देरी होने पर घबराने की जरूरत नहीं है. डिजिटल इंडिया के इस दौर में अधिकांश प्रक्रियाएं पारदर्शी हैं. बस आपको सही समय पर सही माध्यम (CPC या e-Nivaran) का उपयोग करके विभाग तक अपनी बात पहुंचानी है.
तकनीकी रूप से रिफंड तभी जारी होता है जब विभाग आपके द्वारा दी गई जानकारी को पूरी तरह वेरिफाई कर लेता है. रिफंड में देरी कई कारणों से होती है. यदि आपके द्वारा घोषित आय और फॉर्म 26AS या AIS में दर्ज जानकारी मेल नहीं खाती, तो विभाग रिटर्न को रोक सकता है. बैंक अकाउंट का वेलिडिएट न होना. ITR फाइल करने के बाद 30 दिनों के भीतर उसे ई-वेरिफाई न करना.कई बार असेसिंग ऑफिसर (AO) को आपकी कटौती (Deductions) पर संदेह होता है, जिसके लिए वे नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगते हैं. स्पष्टीकरण न देने पर रिफंड रूक जाता है.
ऑनलाइन कैसे चेक करें रिफंड स्टेटस?
शिकायत करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वर्तमान में आपका रिफंड किस चरण में है. इसके लिए आप इन स्टेप्स का पालन करें-
- ई-फाइलिंग पोर्टल: सबसे पहले incometax.gov.in पर लॉग इन करें. ‘e-File’ टैब में जाकर ‘Income Tax Returns’ और फिर ‘View Filed Returns’ पर क्लिक करें. यहां आपको ‘Refund Issued’ या ‘Under Processing’ जैसा स्टेटस दिखेगा.
- NSD पोर्टल: आप TIN-NSD वेबसाइट पर जाकर भी अपना पैन नंबर और असेसमेंट ईयर डालकर स्टेटस चेक कर सकते हैं.
- Refund Returned स्टेटस: यदि स्टेटस में ‘Refund Returned’ लिखा है, तो इसका अर्थ है कि विभाग ने पैसा भेजा था, लेकिन बैंक विवरण गलत होने के कारण वह वापस चला गया.
ऑनलाइन न मिले जानकारी तो कहां संपर्क करें?
यदि ऑनलाइन पोर्टल पर स्टेटस “प्रक्रिया में है” (Under Processing) ही दिखा रहा है और काफी समय बीत चुका है, तो आपको सेंट्रलाइज़्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) से संपर्क करना चाहिए. बेंगलुरु स्थित CPC ही वह इकाई है जो देश भर के ITR की प्रोसेसिंग और रिफंड जारी करने का कार्य संभालती है. आप उनकी हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल कर सकते हैं. कॉल करते समय अपना पैन नंबर और असेसमेंट ईयर तैयार रखें ताकि अधिकारी आपको सटीक जानकारी दे सकें.
ऑनलाइन दर्ज करें शिकायत
Grievance टैब: ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करने के बाद ऊपर ‘Grievances’ का विकल्प दिखेगा. वहां ‘Submit Grievance’ पर क्लिक करें और ‘CPC-ITR’ विभाग चुनें. यहां आप ‘Refund related’ कैटेगरी चुनकर अपनी समस्या लिख सकते हैं.
e-Nivaran: यह आयकर विभाग की एक एकीकृत प्रणाली है. यहां दर्ज की गई शिकायतों की निगरानी उच्च अधिकारियों द्वारा की जाती है. अपनी शिकायत में पिछले पत्रों या पत्राचार का संदर्भ जरूर दें.
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