NPS New Rules: नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस में पैसा जमा करने वालों के लिए एक अच्छी और राहत देने वाली खबर आई है. पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने दिसंबर 2025 में एनपीएस के निकासी नियमों में कुछ बड़े बदलाव किए हैं. अब कुछ खास हालात में सब्सक्राइबर अपना पूरा जमा हुआ पैसा यानी कोर्पस 100 प्रतिशत एक साथ निकाल सकता है. पहले नियम काफी सख्त थे, जिसमें छोटे अमाउंट पर भी एन्युटी खरीदना जरूरी था, लेकिन अब छोटे कोर्पस वाले लोगों को बहुत आसानी हो गई है.
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस में पैसा जमा करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है. पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने दिसंबर 2025 में नियमों में बदलाव किया है. अब कुछ खास स्थितियों में सब्सक्राइबर अपना पूरा कोर्पस यानी जमा राशि 100 प्रतिशत निकाल सकता है. पहले नियम सख्त थे लेकिन अब छोटे अमाउंट वाले लोगों को ज्यादा आसानी हो गई है. ये बदलाव खासकर नॉन-गवर्नमेंट वाले लोगों के लिए फायदेमंद हैं.

रिटायरमेंट पर यानी 60 साल की उम्र या उसके बाद अगर एनपीएस में जमा राशि 8 लाख रुपये या उससे कम है तो पूरा पैसा एक साथ निकाल सकते हैं. एन्युटी खरीदने की कोई जरूरत नहीं. पहले ये लिमिट सिर्फ 5 लाख थी लेकिन अब इसे बढ़ाकर 8 लाख कर दिया गया है. अगर कोर्पस 8 लाख से ज्यादा लेकिन 12 लाख तक है तो कुछ शर्तों के साथ ज्यादा लंपसम निकाल सकते हैं. 12 लाख से ज्यादा होने पर 80 प्रतिशत तक लंपसम और कम से कम 20 प्रतिशत एन्युटी में लगाना पड़ता है. ये नियम लोगों को रिटायरमेंट के बाद ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देते हैं.

प्रीमैच्योर एग्जिट यानी समय से पहले निकलने पर नियम थोड़े अलग हैं. अगर 5 साल का लॉक-इन पूरा हो चुका है और कोर्पस 5 लाख या उससे कम है तो पूरा 100 प्रतिशत लंपसम मिल जाता है. 5 लाख से ज्यादा होने पर 20 प्रतिशत तक लंपसम और बाकी 80 प्रतिशत एन्युटी में लगाना होता है. ये नियम पहले से लगभग ऐसे ही थे लेकिन छोटे कोर्पस के लिए लिमिट बढ़ाने से राहत मिली है.
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अगर एनपीएस सब्सक्राइबर की मौत हो जाती है तो नॉमिनी या कानूनी वारिस को पूरा कोर्पस 100 प्रतिशत एक मुश्त मिल जाता है. चाहे अमाउंट कितना भी बड़ा हो एन्युटी की कोई बाध्यता नहीं. ये नियम मौत के मामले में पहले से ही थे और अब भी वही हैं. परिवार को तुरंत पूरा पैसा मिल जाता है जो बहुत जरूरी होता है.

एनपीएस में 60 साल से पहले जॉइन करने वाले लोग 60 साल पर नॉर्मल एग्जिट कर सकते हैं. अगर 60 साल के बाद जॉइन किया है तो 3 साल बाद एग्जिट का ऑप्शन मिलता है. अब एग्जिट की उम्र 85 साल तक बढ़ा दी गई है यानी 85 साल तक निवेश और निकासी जारी रख सकते हैं. ये लंबी उम्र के लिए अच्छा है.

ये नए नियम एनपीएस को ज्यादा आसान बनाते हैं क्योंकि छोटे फंड वाले लोग पूरा पैसा निकाल सकते हैं. बड़े फंड वाले भी ज्यादा लंपसम ले सकते हैं. टैक्स के मामले में लंपसम पर छूट मिलती है अगर नियम फॉलो किए जाएं. एन्युटी से मिलने वाली मासिक पेंशन पर इनकम टैक्स लगता है.

पीएफआरडीए का मकसद रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित जीवन देना है लेकिन साथ ही लोगों को अपनी जरूरत के हिसाब से फैसला लेने की आजादी भी देना है. ये बदलाव दिसंबर 2025 में लागू हो गए हैं. अगर आप एनपीएस में हैं तो अपने कोर्पस की जांच करें और प्लानिंग करें.

एनपीएस अब रिटायरमेंट सेविंग के लिए बेहतर और आसान हो गया है. छोटे अमाउंट वाले लोग बिना टेंशन के पूरा पैसा निकाल सकते हैं. ये भारतीयों के लिए अच्छी खबर है जो भविष्य की प्लानिंग कर रहे हैं. नियमों को समझकर सही फैसला लें ताकि रिटायरमेंट खुशहाल हो.
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