1. कंपोजिट क्लेम फॉर्म (आधार / नॉन-आधार)
यह ईपीएफओ का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला फॉर्म है. यह पीएफ की आंशिक या पूरी निकासी, रिटायरमेंट के बाद फाइनल सेटलमेंट, नौकरी छोड़ने पर पीएफ निकालने के लिए काम आता है.
- आधार आधारित फॉर्म: अगर आपका UAN एक्टिव है, आधार लिंक है और KYC पूरी है, तो नियोक्ता/कंपनी की सिग्नेचर की जरूरत नहीं होती.
- नॉन-आधार फॉर्म: अगर आधार लिंक नहीं है, तो नियोक्ता का वेरिफिकेशन जरूरी होता है.
2. Form 13
नौकरी बदलते समय पुराने पीएफ अकाउंट को नए अकाउंट में ट्रांसफर कराने के लिए यह फॉर्म भरा जाता है।
- किसके लिए: नौकरी बदलने वाले कर्मचारी.
- फायदा: PF राशि और सेवा अवधि दोनों सुरक्षित रहती हैं, जिससे पेंशन और ब्याज का नुकसान नहीं होता.
3. Form 10D (पेंशन क्लेम फॉर्म)
यह फॉर्म कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के तहत मासिक पेंशन पाने के लिए होता है.
- किसके लिए: 58 साल की उम्र पूरी करने वाले कर्मचारी, अर्ली पेंशन लेने वाले, विधवा/विधुर या आश्रित.
- जरूरी दस्तावेज: बैंक डिटेल, फोटो, जन्म प्रमाण, परिवार की डिटेल.
4. Form 20
अगर किसी EPF सदस्य की मृत्यु हो जाती है, तो उसके नॉमिनी या परिवार को PF राशि दिलाने के लिए Form 20 भरा जाता है।
- किसके लिए: नॉमिनी या कानूनी उत्तराधिकारी.
- साथ में क्या लगता है: मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंक डिटेल, पहचान पत्र.
5. Form 5IF (EDLI इंश्योरेंस क्लेम)
EPFO की Employee Deposit Linked Insurance (EDLI) स्कीम के तहत यह फॉर्म भरा जाता है।
- किस काम का: कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को इंश्योरेंस राशि दिलाने के लिए.
- मैक्सिमम लाभ: तय सीमा तक इंश्योरेंस कवर मिलता है, जो PF बैलेंस से अलग होता है.
6. Form 14
यह फॉर्म विशेष परिस्थितियों में इस्तेमाल किया जाता है.
- किस काम का: कोर्ट के आदेश या सरकारी निर्देश के तहत PF से भुगतान या एडजस्टमेंट के मामलों में.
- आम यूजर्स के लिए: कम इस्तेमाल होता है, लेकिन कानूनी मामलों में अहम है.
7. दूसरी अहम बातें
सभी फॉर्म भरते समय UAN नंबर, बैंक खाता, IFSC और आधार विवरण सही होना चाहिए. EPFO की ज्यादातर सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे क्लेम प्रक्रिया तेज हो गई है. गलत जानकारी या KYC अधूरी होने पर क्लेम रिजेक्ट हो सकता है.
सही फॉर्म का चुनाव बेहद जरूरी
पीएफ क्लेम या पेंशन से जुड़ी परेशानी से बचने के लिए सही फॉर्म का चुनाव बेहद जरूरी है. नौकरी बदलने पर Form 13, PF निकालने के लिए कंपोजिट क्लेम फॉर्म, पेंशन के लिए Form 10D, मौत के मामलों में Form 20 और Form 5IF का सही इस्तेमाल आपको गैरजरूरी भागदौड़ से बचा सकता है. अगर अभी भी कन्फ्यूजन है, तो ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी PF ऑफिस से जानकारी लेना बेहतर रहेगा. सही जानकारी के साथ आपका पीएफ क्लेम आसान और तेज हो सकता है.
क्या है EPFO
ईपीएफओ एक सरकारी संस्था है, जो नौकरीपेशा लोगों के वेतन से कटने वाले प्रोविडेंट फंड (PF) पैसे को जमा, मैनेज और सुरक्षित रखती है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सहारा मिल सके. ईपीएफओ की स्थापना कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान एक्ट के तहत साल 1952 में हुई. ईपीएफओ 3 योजनाएं चलाता है- कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा (EDLI)
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