बैंक इसे देने से मना नहीं कर सकता, ये आपका कानूनी हक है. पीपीएफ सबसे सुरक्षित निवेश है, जहां निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी राशि सब टैक्स-फ्री है – E-E-E कैटेगरी में आता है. लेकिन पीपीएफ लोन का एक सीक्रेट ऑप्शन है, जो बहुत लोग नहीं जानते है. ये लोन आपको किसी भी समय पर नहीं मिलता, बल्कि खास समय में ही उपलब्ध होता है.
पीपीएफ लोन
खाता खोलने के पहले साल के बाद से लेकर 5 साल तक का पीरियड रहता है. मान लीजिए अगर आपने 2024 में पीपीएफ खाता खोला, तो लोन 2025 से 2030 तक ही ले सकते हैं. 5 साल बाद लोन नहीं मिलता, उसके बाद सिर्फ आंशिक निकासी(Partial Withdrawal) का ऑप्शन रहता है. लोन की रकम आपके पीपीएफ बैलेंस पर निर्भर करती है, और ये साल में एक बार ही लिया जा सकता है.
लोन चुकाने की अवधि ज्यादा से ज्यादा 36 महीने है. पहले मूल राशि चुकानी पड़ती है, ये आप किश्तों में या एकमुश्त दे सकते हैं. उसके बाद ब्याज दो किश्तों में चुकाना होता है. अगर 36 महीने में पूरा नहीं चुकाया तो ब्याज 1 प्रतिशत से बढ़कर 6 प्रतिशत हो जाता है, वो भी पेनल्टी के साथ. ये नियम इसलिए सख्त हैं ताकि लोग पीपीएफ को लंबे समय के लिए बचत के तौर पर यूज करें.
इसके अलावा पीपीएफ की खास बात ये भी है कि 15 साल बाद अकाउंट को 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है. मैच्योरिटी के बाद भी बैलेंस पर ब्याज मिलता रहता है और साल में एक बार निकासी टैक्स-फ्री हो सकती है. सातवें साल से आंशिक निकासी शुरू हो जाती है.
पर्सनल लोन
पर्सनल लोन से तुलना करें तो फर्क साफ दिखता है. पर्सनल लोन पर ब्याज 12 से 18 प्रतिशत तक लगता है, प्रोसेसिंग फीस 1 से 3 प्रतिशत, CIBIL स्कोर जरूरी होता है और आय प्रमाणपत्र दिखाने पड़ते हैं. जबकि पीपीएफ लोन में कोई फीस नहीं, CIBIL की जरूरत नहीं और ब्याज सिर्फ 8.1 प्रतिशत. गारंटी आपका खुद का पैसा है, तो रिस्क बैंक के लिए कम है. लेकिन पीपीएफ लोन की लिमिट है – ये सिर्फ 5 साल के विंडो में मिलता है और चुकाने की समय सीमा सख्त है. अगर आप लंबे समय के लिए पैसा जमा कर रहे हैं तो ये बहुत फायदेमंद है, क्योंकि मुश्किल में आपको ये मदद मिल जाती है. वहीं, आप पीपीएफ में पैसे जमा कर रहे हैं तो ये सिर्फ बचत नहीं, बल्कि इमरजेंसी में सस्ता लोन का ऑप्शन भी देता है. पर्सनल लोन के चक्कर में फंसने से बेहतर है कि पीपीएफ का ये फायदा उठाएं. लेकिन याद रखें, लोन लेने से पहले सही से सभी नियम अच्छे से समझ लें, उसके बाद ही लोन लेने का प्लान बनाएं.
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