रेस्टोरेंट के बिल में GST के साथ सर्विस चार्ज अपने आप जोड़ना गलत है, क्योंकि इसे देना पूरी तरह ग्राहक की मर्जी पर निर्भर करता है. अगर यह जबरन जोड़ा जाए तो ग्राहक उसे हटवाने या शिकायत करने का अधिकार रखता है.
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अगली बार जब आप किसी रेस्टोरेंट में खाना खाएं, तो बिल चुकाने से पहले उसे ध्यान से जरूर देखें. कई जगह खाने के बिल में GST के अलावा अलग से सर्विस चार्ज भी जोड़ दिया जाता है. लेकिन कानून साफ कहता है कि सर्विस चार्ज देना आपकी मर्जी पर है, इसे जबरन नहीं वसूला जा सकता.
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ किया था कि रेस्टोरेंट सर्विस चार्ज को जरूरी नहीं बना सकते. यह पूरी तरह ग्राहक की इच्छा पर निर्भर करेगा. अदालत ने सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) की गाइडलाइंस को भी सही ठहराया था.
CCPA ने क्या कहा?
उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019 के तहत बनाई गई संस्था CCPA की गाइडलाइंस के मुताबिक रेस्टोरेंट अपने आप या डिफॉल्ट रूप से बिल में सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते. इसे किसी और नाम से भी नहीं वसूला जा सकता.
ग्राहक पर दबाव नहीं बना सकते
रेस्टोरेंट ग्राहकों को सर्विस चार्ज देने के लिए मजबूर नहीं कर सकते. अगर कोई ग्राहक इसे देने से मना करता है, तो उसे सेवा देने से इनकार भी नहीं किया जा सकता. साथ ही, सर्विस चार्ज को इस तरह बिल में शामिल नहीं किया जा सकता कि उस पर भी GST लग जाए.
अगर बिल में सर्विस चार्ज जुड़ गया तो क्या करें?
अगर आपके बिल में अपने आप सर्विस चार्ज जोड़ दिया गया है, तो आप उसे हटाने की मांग कर सकते हैं. यह आपका कानूनी अधिकार है. अगर रेस्टोरेंट मना करे, तो आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 या e-Daakhil पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज कर सकते हैं.
GST सर्विस चार्ज पर नहीं लगेगा
लीगल एक्सपर्ट्स के अनुसार, सर्विस चार्ज पर GST लगाना गलत है. ऐसा करने पर बिल की राशि गैर-कानूनी तरीके से बढ़ जाती है. नियम तोड़ने वाले प्रतिष्ठानों पर जुर्माना और रिफंड का आदेश भी दिया जा सकता है. कानून अब बिल्कुल साफ है कि सर्विस चार्ज कोई जरूरी टैक्स नहीं, बल्कि आपकी निजी पसंद है.
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