हाल के सालों में नोएडा में कई बड़े ब्रांडेड रेजिडेंस प्रोजेक्ट्स लॉन्च हुए हैं. गुलशन ग्रुप, M3M इंडिया और स्मार्टवर्ल्ड डेवलपर्स जैसी कंपनियां यहां लग्ज़री हाउसिंग पर फोकस कर रही हैं. अक्टूबर 2025 में M3M इंडिया ने ग्लोबल लग्ज़री ज्वेलरी और वॉच ब्रांड Jacob & Co. के साथ मिलकर नोएडा में ब्रांडेड रेजिडेंस लॉन्च किया. इसके अलावा दिसंबर में ताज होटल्स की मालिक IHCL ने गुलशन ग्रुप के साथ मिलकर सेक्टर 129 में ताज होटल और ताज ब्रांडेड सर्विस्ड अपार्टमेंट्स का प्रोजेक्ट शुरू किया.
कितनी है इन प्रोजेक्ट्स की कीमत?
स्मार्टवर्ल्ड डेवलपर्स ने लेबनान के मशहूर फैशन डिजाइनर Elie Saab के साथ सेक्टर 98 में एक और ब्रांडेड रेजिडेंस लॉन्च किया है. इसके साथ ही M3M इंडिया नोएडा में ट्रंप ब्रांडेड रेजिडेंस लाने की भी योजना बना रही है. इन प्रोजेक्ट्स में अपार्टमेंट्स की कीमत आमतौर पर 9 करोड़ से 25 करोड़ रुपये तक है.
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह बदलाव नोएडा के ट्रेडिशनल मिड-इनकम हाउसिंग मॉडल से हटकर है. अब डेवलपर्स ऐसे खरीदारों को टारगेट कर रहे हैं जो लग्ज़री, ब्रांड वैल्यू और एक्सक्लूसिव लाइफस्टाइल चाहते हैं. इन प्रोजेक्ट्स के खरीदारों में HNIs, NRIs, बड़े कारोबारी, कॉर्पोरेट कंपनियां, टियर-1 और टियर-2 शहरों के बिजनेसमैन और कुछ सेलिब्रिटीज शामिल हैं. गुलशन ग्रुप की डायरेक्टर युक्ति नागपाल के मुताबिक, इन घरों को खरीदने वाले ज्यादातर CXO लेवल प्रोफेशनल्स, बिज़नेसमैन और एनआरआई हैं, जो स्पेस, कम्फर्ट और लंबे समय के निवेश को प्राथमिकता देते हैं. वहीं M3M इंडिया के मालिक पंकज बंसल का कहना है कि ऐसे खरीदार अपनी पहचान और स्टेटस को दिखाना चाहते हैं या फिर अपने बच्चों को टियर-1 शहर में बसाना चाहते हैं.
निवेश के लिए खरीद रहे हैं प्रॉपर्टीज
InvestoXpert के संस्थापक विशाल रहेजा के अनुसार, सिर्फ रहने के लिए ही नहीं, बल्कि निवेश के नजरिये से भी लोग इन प्रॉपर्टीज़ को खरीद रहे हैं. NRIs और बड़े निवेशक अच्छी कैपिटल एप्रिसिएशन, किराये से बेहतर रिटर्न और सीमित हाई-क्वालिटी सप्लाई की वजह से नोएडा में लग्ज़री घरों में निवेश कर रहे हैं. इसके अलावा टेक, फाइनेंस और सर्विस सेक्टर से जुड़े युवा, हाई-इनकम प्रोफेशनल्स भी ब्रांडेड रेजिडेंस को पसंद कर रहे हैं.
नोएडा को क्या बना रहा है खास?
PropertyPistol के एमडी आशीष नारायण अग्रवाल के मुताबिक, एक्सप्रेसवे, मेट्रो कनेक्टिविटी, बेहतर अर्बन प्लानिंग और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नजदीकी ने शहर की तस्वीर बदल दी है. IT पार्क्स, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के चलते हाई-इनकम जॉब्स बढ़ी हैं, जिससे प्रीमियम हाउसिंग की मांग भी बढ़ी है. Square Yards के रवि निर्वाल का कहना है कि नोएडा में बड़े और जुड़े हुए जमीन के टुकड़े उपलब्ध हैं, जिससे डेवलपर्स कम घनत्व वाले, बेहतर सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट्स बना पा रहे हैं, जो मुंबई या दिल्ली जैसे शहरों में मुश्किल है.
गुरुग्राम में प्रॉपर्टी की कीमतें
डेटा के मुताबिक, नोएडा में प्रॉपर्टी की कीमतें आमतौर पर 9,000 से 15,000 रुपये प्रति वर्ग फुट हैं, जबकि अल्ट्रा-लक्ज़री प्रोजेक्ट्स में यह 15,000 से 40,000 रुपये प्रति वर्ग फुट तक जाती हैं. इसकी तुलना में गुरुग्राम में प्रीमियम इलाकों में कीमतें 20,000 से 37,000 रुपये, और मुंबई में 40,000 से 1 लाख रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच जाती हैं. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, प्लान्ड डेवलपमेंट और तुलनात्मक रूप से किफायती दामों की वजह से नोएडा अब देश के उभरते लक्ज़री रियल एस्टेट हब के तौर पर अपनी पहचान बना रहा है.
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