इंडिया एआई समिट 2026 में जहां अलग-अलग एआई तकनीकें सामने आईं, वहीं भारतीय रेल ने भी यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने के लिए एआई का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. रेलवे ने सात मोबाइल ऐप में एआई तकनीक जोड़ी है.इनमें RailMadad, Coach Mitra और RailOne शामिल हैं. एआई की मदद से रेलवे कई सारी ऐसी सुविधाएं देगा जिससे यात्रियों को ज्यादा फायदा मिलेगा. अगर आप भी ट्रेन से सफर करते हैं, तो ये जरूर जान लें कि जल्द ही आपको किन सर्विसेस का फायदा एआई से मिलने वाला है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) के प्रबंध निदेशक जी. वी. एल. सत्य कुमार ने भारत मंडपम में आयोजित एआई इंडिया समिट 2026 के दौरान दी गई. CRIS भारतीय रेल की तकनीकी शाखा है. Coach Mitra ऐप फिलहाल 74 ट्रेनों में लागू है. इसके अलावा जिन अन्य ऐप्स में एआई को लागू किया गया है, उनमें जनरेशन ऑफ ऑप्टिमाइज्ड एंड ऑटोमेटेड लोको लिंक (GOAL), कोचिंग क्रू लिंक मैनेजमेंट सिस्टम (CCLMS) और ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं. इन सिस्टम्स का फोकस ट्रेनों के संचालन को ज्यादा प्रभावी बनाना है.
एआई सिस्टम यात्रियों की शिकायतों का निकालेगा हल
रेलवे ने Bhashini प्लेटफॉर्म को भी अपने सिस्टम से जोड़ा है. इसकी मदद से 12 भाषाओं में बोली गई आवाज को टेक्स्ट में बदला जा सकता है. इससे अलग-अलग भाषाओं में की गई शिकायतों को समझना आसान हो गया है. एआई सिस्टम शिकायतों के रुझान और यात्रियों की भावनाओं (सेंटिमेंट) का भी चेक करता है, ताकि समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें. CRIS अब 15 और एप्लिकेशन में एआई जोड़ने पर काम कर रहा है. इनका उद्देश्य रेलवे सुरक्षा बढ़ाना, माल ढुलाई (फ्रेट) को बढ़ावा देना और ट्रेनों के संचालन को और बेहतर बनाना है.
हादसे की पहले से हो जाएगी भविष्यवाणी
माल ढुलाई के सेक्टर में रेलवे जीएसटी डेटा का इस्तेमाल कर रहा है. इस डेटा की मदद से यह समझा जा रहा है कि कौन-सा सामान किस इलाके से किस इलाके तक जा रही हैं. इसके आधार पर देशभर में 300 संभावित फ्रेट क्लस्टर सेलेक्ट किए गए हैं. रेलवे इन इलाकों में अपनी सेवाएं बढ़ाकर नई वस्तुओं को अपने फ्रेट बास्केट में शामिल करने की योजना बना रहा है. इसका मकसद सड़क मार्ग से रेल मार्ग की ओर माल ढुलाई को बढ़ावा देना है.
रेलवे एक और एआई सिस्टम पर काम कर रहा है, जो रेलवे संपत्तियों में संभावित खराबी या हादसे की पहले से भविष्यवाणी करेगा. इसके लिए पुराने हादसों और तकनीकी खराबियों के डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है. ट्रैक, रेल लाइन, इंजन, कोच, वैगन और सिग्नलिंग सिस्टम जैसे अहम रिसोर्स की समय रहते सही किया जा सकेगा. इससे पारंपरिक व्यवस्था से हटकर पहले से तैयारी की जा सकेगी और सुरक्षा में सुधार होगा.
भीड़ को कंट्रोल करने के लिए सिस्टम
भीड़ प्रबंधन के लिए भी एआई आधारित समाधान तैयार किया जा रहा है. इसमें रिजर्व और अनरिजर्व टिकट डेटा के साथ ट्रेन मूवमेंट डेटा को जोड़ा जाएगा. इससे यह अनुमान लगाया जा सकेगा कि किस स्टेशन के किस प्लेटफॉर्म पर किस समय ज्यादा भीड़ होगी. टिकट खरीदने के समय और ट्रेन शेड्यूल को मिलाकर प्लेटफॉर्म-वार फुटफॉल का आकलन किया जाएगा. सिस्टम त्योहारों, विशेष आयोजनों और वीकेंड यात्रा के पैटर्न को भी ध्यान में रखेगा. साथ ही स्टेशन के प्रवेश द्वार और फुट ओवर ब्रिज पर संभावित भीड़भाड़ की पहचान पहले से कर ली जाएगी, ताकि यात्रियों की आवाजाही सुरक्षित रहे.
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