स्मॉलकैप शेयरों में इस समय विदेशी निवेशकों की खास दिलचस्पी देखने को मिल रही है. खासकर कर्ज़-मुक्त और कम कर्ज वाली कंपनियां FIIs को ज्यादा आकर्षित कर रही हैं. FY26 में ऐसे कई स्मॉलकैप शेयरों ने जबरदस्त रिटर्न देकर निवेशकों को चौंकाया है. कुछ शेयर तो 165 फीसदी तक उछले हैं और दो स्टॉक्स मल्टीबैगर बनकर उभरे हैं.
FIIs की नजर कर्ज-मुक्त स्मॉलकैप्स पर, FY26 में 165% तक उछले 9 शेयर. (Image:AI)
FII हिस्सेदारी बढ़ी, लिस्ट सिमटकर 57 शेयरों तक आई
जब इस सूची में दिसंबर तिमाही के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बढ़ती हिस्सेदारी का फिल्टर लगाया गया, तो आंकड़ा घटकर 57 स्मॉलकैप शेयरों तक सीमित रह गया. यह FIIs की दोबारा दिलचस्पी का संकेत माना जा रहा है. FY26 में अब तक इन शेयरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, लेकिन 9 शेयरों ने 25 फीसदी से लेकर 165 फीसदी तक की जोरदार बढ़त दिखाई. इनमें से दो शेयर ऐसे रहे, जिन्होंने निवेशकों का पैसा दोगुना से ज्यादा कर दिया और मल्टीबैगर बन गए.
FY26 में सबसे ज्यादा चढ़ने वाले स्मॉलकैप शेयर
हिंदुस्तान कॉपर का शेयर FY26 में अब तक 163 फीसदी उछलकर 221 रुपये से 580 रुपये पहुंच गया, वहीं FIIs की हिस्सेदारी 5.05 फीसदी से बढ़कर 6.56 फीसदी हो गई. फोर्स मोटर्स ने 137 फीसदी की छलांग लगाई और SJS एंटरप्राइजेज करीब 95 फीसदी चढ़ा. TD पावर सिस्टम्स, LG बालकृष्णन एंड ब्रदर्स और eClerx सर्विसेज जैसे शेयरों ने भी 50 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ी.
निवेश से पहले सावधानी जरूरी
KRBL, फिलाटेक्स इंडिया, गुजरात पीपावाव पोर्ट, एथर इंडस्ट्रीज और लेटेंट व्यू एनालिटिक्स जैसे शेयरों में भी 16 फीसदी से 33 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली. हालांकि, कम या शून्य कर्ज और बढ़ती FII हिस्सेदारी आकर्षक संकेत जरूर हैं, लेकिन निवेश से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल, ग्रोथ की संभावनाओं और फंडामेंटल्स की जांच जरूरी है. विशेषज्ञों का कहना है कि पिछला प्रदर्शन भविष्य की गारंटी नहीं होता, इसलिए समझदारी से फैसला लेना ही बेहतर रणनीति है.
(Disclaimer:यहां बताए गया स्टॉक्स सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें.आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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