गोल्ड और सिल्वर ETF ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया, टाटा सिल्वर ETF ने एक साल में 171.30 फीसदी रिटर्न दिया. एक्सपर्ट्स SIP और सीमित निवेश की सलाह देते हैं.
क्या होता है गोल्ड और सिल्वर ETF?
ETF का मतलब है ‘एक्सचेंज ट्रेडेड फंड’. गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ सोने और चांदी में निवेश करने का एक ‘डिजिटल’ और ‘आधुनिक’ तरीका है. इसमें आपको फिजिकल सोना (सिक्का या गहना) खरीदकर घर लाने या लॉकर में रखने की जरूरत नहीं होती. जैसे आप शेयर बाजार में किसी कंपनी के ‘शेयर्स’ खरीदते हैं, वैसे ही आप गोल्ड या सिल्वर ETF के ‘यूनिट्स’ खरीदते हैं. इसे आप शेयर बाजार (NSE/BSE) के खुलने के दौरान कभी भी खरीद या बेच सकते हैं. अगर आपको पैसों की जरूरत है, तो बस एक क्लिक पर इसे बेचकर पैसा सीधे बैंक खाते में पा सकते हैं.
गोल्ड ETF का प्रदर्शन
25 फरवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, क्वांटम म्यूचुअल फंड का क्वांटम गोल्ड ईटीएफ 82.32 फीसदी रिटर्न के साथ टॉप पर रहा, वहीं यूटीआई म्यूचुअल फंड का यूटीआई गोल्ड ईटीएफ 2 से 10 साल की अवधि में ज्यादा स्थिर प्रदर्शन करता दिखा.
सिल्वर ETF ने चौंकाया
सिल्वर ETF में रिटर्न और भी ज्यादा रहा. टाटा म्यूचुअल फंड का टाटा सिल्वर ईटीएफ एक साल में 171.30 फीसदी रिटर्न के साथ सबसे आगे रहा. आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड का आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल सिल्वर ईटीएफ दो साल में 92.19 फीसदी रिटर्न देकर बेहतर प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहा.
क्या अभी निवेश करना सही है?
स्टॉकिफाई के सीईओ पीयूष झुनझुनवाला के अनुसार, सोना और चांदी की कीमतों में उतार चढ़ाव सामान्य है क्योंकि ये वैश्विक घटनाओं से प्रभावित होती हैं. उनका कहना है कि निवेशकों को हर एसेट की भविष्य की कीमत का अनुमान लगाने के बजाय बैलेंस एसेट एलोकेशन पर ध्यान देना चाहिए.
- रणनीति: अपने कुल निवेश का केवल 5 फीसदी से 15 फीसदी हिस्सा ही सोने-चांदी में रखें.
- SIP का रास्ता: एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय ‘एसआईपी’ के जरिए धीरे-धीरे निवेश करना ज्यादा सुरक्षित है.
- सावधानी: निवेश से पहले फंड का एक्सपेंस रेशियो और उसकी पिछली परफॉरमेंस जरूर चेक करें.
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