इन्फोसिस के एआई रोडमैप के बावजूद शेयर 3 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए, जिससे साफ हुआ कि निवेशक अभी इस रणनीति से कमाई को लेकर आश्वस्त नहीं हैं. हालांकि, ब्रोकरेज हाउस ने शेयर पर 52 प्रतिशत तक अपसाइड का अनुमान लगाया है. जेपी मॉर्गन, मोतीलाल ओसवाल और बैंक ऑफ अमेरिका जैसे बड़े ब्रोकरेज इन्फोसिस पर बुलिश हैं और मानते हैं कि एआई से लॉन्ग टर्म में बड़ा मौका मिलेगा, लेकिन शॉर्ट टर्म में वैल्यूएशन पर दबाव रह सकता है.
ब्रोकरेज हाउस हालांकि इन्फोसिस को लेकर लंबी अवधि में पॉजिटिव नजर आ रहे हैं और शेयर पर 1760 रुपये से 2050 रुपये तक का टारगेट दे रहे हैं, जिससे मौजूदा स्तर से करीब 52 प्रतिशत तक अपसाइड की संभावना जताई जा रही है.
जेपी मॉर्गन क्यों है सबसे ज्यादा बुलिश
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जेपी मॉर्गन ने इन्फोसिस पर ओवरवेट रेटिंग के साथ 2050 रुपये का टारगेट दिया है. ब्रोकरेज का कहना है कि एआई की वजह से एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी में बाय से बिल्ड की शिफ्ट हो रही है, जिससे सर्विस कंपनियों को फायदा मिलेगा. इसके अलावा एआई ट्रांजिशन से टेक डेट को ठीक करने और नए सिस्टम लगाने का बड़ा मौका भी पैदा हो रहा है.
मोतीलाल ओसवाल और बीओएफए का क्या कहना है
मोतीलाल ओसवाल ने 1850 रुपये का टारगेट देते हुए कहा कि इन्फोसिस एआई नेटिव कंपनियों के साथ पार्टनरशिप बढ़ा रही है, जिससे सॉल्यूशन मजबूत होंगे. बैंक ऑफ अमेरिका ने भी 1840 रुपये का टारगेट दिया और कहा कि एआई अपनाना आसान नहीं है और असली चुनौती रणनीति और एक्जीक्यूशन की होगी.
आईटी शेयरों में गिरावट को लेकर ब्रोकरेज की राय
नुवामा ने कहा कि हालिया आईटी शेयरों की गिरावट जरूरत से ज्यादा थी और एआई डिसरप्शन का डर बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है. एचएसबीसी और यूबीएस ने इन्फोसिस की मजबूत क्लाइंट रिलेशनशिप और एंटरप्राइज अनुभव को बड़ी ताकत बताया. वहीं सीएलएसए और मॉर्गन स्टेनली ने तुलनात्मक रूप से कम टारगेट देते हुए वैल्यूएशन रिस्क की ओर इशारा किया.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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