आरबीआई ने बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट्स को मणप्पुरम फाइनेंस में 41.66 प्रतिशत तक हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति दे दी है. हालांकि इस मंजूरी के साथ रिजर्व बैंक ने दो कड़ी शर्तें भी रखी हैं. फिलहाल कंपनी को अपनी सहायक कंपनियों आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस और मणप्पुरम होम फाइनेंस के लिए अभी आरबीआई की अंतिम मंजूरी का इंतजार है, जिसके बाद ही यह ओपन ऑफर और निवेश की प्रक्रिया पूरी होगी.
सोमवार को बाजार खुलने पर मणप्पुरम फाइनेंस के शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी. पिछले कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर 2.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 302.15 रुपये पर बंद हुआ था, लेकिन आरबीआई की इस ताजा हरी झंडी के बाद स्टॉक में हलचल बढ़ने की पूरी उम्मीद है. हालांकि यह निवेश अभी पूरी तरह से कुछ अन्य मंजूरियों पर टिका है, लेकिन यह वैश्विक प्राइवेट इक्विटी फर्मों के भारतीय वित्तीय क्षेत्र में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है.
आरबीआई की मंजूरी और दो महत्वपूर्ण शर्तें
रिजर्व बैंक ने इस बड़े सौदे के लिए सार्वजनिक नोटिस की अवधि में छूट तो दे दी है, लेकिन निवेशकों के सामने दो प्रमुख शर्तें रखी हैं. पहली शर्त यह है कि यदि निवेशक एक साल के बाद अपनी हिस्सेदारी 26 प्रतिशत से अधिक बढ़ाते हैं (वारंट कन्वर्जन को छोड़कर), तो उन्हें फिर से आरबीआई से पूर्व अनुमति लेनी होगी. दूसरी शर्त के तहत निवेशकों को एक विस्तृत एक्शन प्लान देना होगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि उनके ग्रुप के नियंत्रण में एक ही श्रेणी की एक से अधिक एनबीएफसी या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी नहीं है.
सहायक कंपनियों की मंजूरी का इंतजार
मणप्पुरम फाइनेंस ने स्पष्ट किया है कि भले ही मुख्य कंपनी के लिए रास्ता साफ हो गया है, लेकिन आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड और मणप्पुरम होम फाइनेंस के लिए अभी आरबीआई की मंजूरी मिलना बाकी है. यह निवेश और ओपन ऑफर की पूरी प्रक्रिया तभी संपन्न होगी जब ये सभी मंजूरियां मिल जाएंगी और सौदे के लिए तय की गई अन्य शर्तें पूरी कर ली जाएंगी. निवेशक कंपनियां, बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट्स XXV और XIV, वैश्विक दिग्गज ईक्यूटी (EQT) का हिस्सा हैं, जो अक्सर ऐसे स्ट्रक्चर्ड निवेश के लिए विशेष प्रयोजन वाहनों (SPVs) का उपयोग करती हैं.
शेयर बाजार पर असर और निवेशकों की रणनीति
सोमवार को मणप्पुरम फाइनेंस के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. गोल्ड लोन सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच इस स्तर का विदेशी निवेश कंपनी को अपनी पूंजी संरचना मजबूत करने में मदद करेगा. पिछले कुछ सत्रों में दबाव झेलने के बाद, यह खबर बाजार के लिए एक पॉजिटिव ट्रिगर का काम कर सकती है. विश्लेषकों का मानना है कि यदि आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस को भी जल्द मंजूरी मिल जाती है, तो कंपनी के वैल्यूएशन में और सुधार देखने को मिल सकता है.
मणप्पुरम फाइनेंस स्टेक सेल अपडेट
- हिस्सेदारी की सीमा: निवेशक 41.66 प्रतिशत तक स्टेक हासिल कर सकेंगे.
- आरबीआई की शर्त: एक साल बाद 26% से ज्यादा हिस्सेदारी बढ़ाने पर दोबारा मंजूरी अनिवार्य.
- ग्रुप स्ट्रक्चर: निवेशकों को एक ही कैटेगरी की दो एनबीएफसी न रखने का प्लान देना होगा.
- लंबित मंजूरियां: आशीर्वाद माइक्रो फाइनेंस और होम फाइनेंस विंग के लिए अप्रूवल अभी बाकी.
- कंपनी प्रोफाइल: भारत की अग्रणी गोल्ड लोन एनबीएफसी, वैश्विक निवेशकों की पसंद बनी.
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जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. 2022 से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसके अलावा दे…और पढ़ें
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