Stock Maket : पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड ने आईटी शेयरों में आई गिरावट को एक मौके के तौर पर देखा है और सस्ते में शेयर खरीदे हैं. फुंड की यह रणनीति दर्शाती है कि बाजार में गिरावट के समय अच्छी कंपनियों को सस्ते भाव पर चुनना ही वेल्थ क्रिएशन का मूल मंत्र है.
फंड हाउस ने आईटी सेक्टर की मौजूदा गिरावट को एक बेहतर एंट्री पॉइंट के रूप में देखा है.
जानकारों का मानना है कि फंड हाउस ने आईटी सेक्टर की मौजूदा गिरावट को एक बेहतर एंट्री पॉइंट के रूप में देखा है. फंड ने अपने पास रखे नकद का इस्तेमाल बाजार में शेयरों की खरीदारी के लिए किया है. दिसंबर 2025 के अंत में फंड का कैश लेवल 20.2% था, जिसे जनवरी में घटाकर 18% कर दिया गया है. इसी अवधि में फंड का लॉन्ग इक्विटी एक्सपोजर 67.3% से बढ़कर 68% पर पहुंच गया. जनवरी के अंत तक फंड का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी बढ़कर ₹1.34 लाख करोड़ के पार निकल गया है.
इन शेयरों में भी बढाई हिस्सेदारी
आईटी के अलावा फंड ने एफएमसीजी दिग्गज आईटीसी (ITC) पर अपना भरोसा और मजबूत किया है. जनवरी में फंड ने आईटीसी के 6.13 करोड़ शेयर खरीदे, जिससे इसका एक्सपोजर 4.5% से बढ़कर 5.1% हो गया. इसके अलावा बजाज होल्डिंग्स (4.8%), सिप्ला (1.3%) और ग्रेट ईस्टर्न शिपिंग (0.2%) में भी हिस्सेदारी बढ़ाई गई है. साथ ही, इंटरनेशनल इक्विटी एलोकेशन भी 11.1% से बढ़कर 11.7% पर पहुंच गया है.
पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड ने अपने पोर्टफोलियो में दो नए मिडकैप स्टॉक्स सीआईई ऑटोमोटिव इंडिया (CIE Automotive) और सीएमएस इंफो सिस्टम्स (CMS Info Systems) को भी अपने पोर्टफोलियो में जगह दी है. दूसरी ओर, फंड ने कोल इंडिया और एमसीएक्स (MCX) में अपनी हिस्सेदारी कम की है. कोटक महिंद्रा बैंक के मामले में शेयरों की संख्या जरूर बढ़ी है, लेकिन यह स्टॉक स्प्लिट के कारण हुआ है. वास्तविक रूप में पोर्टफोलियो में इसका वजन 4.1% से घटकर 3.8% रह गया है.
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