रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले तीन सेशन में अच्छी तेजी आई थी, इसलिए निवेशक मुनाफा निकाल रहे थे, जो सामान्य बात है जब बाजार लगातार ऊपर जाता है. इतना ही नहीं, इंडिया VIX में भी तेज उछाल आया, जो 9% तक बढ़ गया, मतलब मार्केट में डर बढ़ गया है और वोलेटिलिटी ज्यादा हो गई. यह इंडिकेट करता है कि ट्रेडर्स अब सावधान हैं और बड़े मूवमेंट की उम्मीद कर रहे हैं. बाजार की यह गिरावट कई वजहों से हुई. सबसे पहले तो मुनाफावसूली, क्योंकि पिछले दिनों में काफी अच्छा रिटर्न मिला था और लोग अब बुक कर रहे थे.
किन वजहों से आई शेयर बाजार में गिरावट?
इसके अलावा दूसरा फैक्टर है कि कुछ सेक्टर्स में प्रेशर नजर आया था, जैसे आईटी या अन्य जहां पहले तेजी बनी हुई थी. ग्लोबल मार्केट्स में भी कोई खास पॉजिटिव सिग्नल नहीं था, जिससे घरेलू बाजार पर असर पड़ा.
इसके अलावा क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ रही हैं, जो इंपोर्टिंग कंट्री जैसे भारत के लिए नेगेटिव है और महंगाई का डर पैदा करता है. इसके अलावा FIIs की तरफ से भी कुछ बिकवाली देखी गई हो सकती है. DIIs घरेलू फंड्स ने कुछ हद तक सपोर्ट किया है लेकिन उतना नहीं कि बाजार में गिरावट रुक जाए.
इन सेक्टर्स पर दबाव
सेक्टर्स की बात करें तो ज्यादातर ब्रॉड इंडेक्स रेड में थे. मेटल, बैंकिंग या FMCG में पहले तेजी थी लेकिन आज प्रेशर दिखा. आईटी सेल-ऑफ भी एक वजह रही, क्योंकि AI और ग्लोबल टेक में अनिश्चितता है. टॉप लूजर्स में कुछ बड़े नाम जैसे ट्रेंट, एमएंडएम या अन्य शामिल हो सकते हैं, जबकि गेनर्स कम थे.
मार्केट ब्रेड्थ भी नेगेटिव थी, मतलब ज्यादा स्टॉक्स गिर रहे थे बजाय चढ़ने के. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह प्रॉफिट बुकिंग का फेज है, जो हेल्दी करेक्शन माना जाता है. अगर सपोर्ट लेवल होल्ड होते हैं तो जल्दी रिकवर हो सकता है, लेकिन अगर ब्रेक होते हैं तो और नीचे जा सकता है.
यह गिरावट तीन दिनों की लगातार तेजी के बाद आई, जहां सेंसेक्स और निफ्टी अच्छे गेन दिए थे. कल के क्लोज पर निफ्टी 25,800 के ऊपर था लेकिन आज ब्रेकडाउन हो गया. FIIs की बिकवाली, क्रूड की तेजी और ग्लोबल अनिश्चितता जैसे फैक्टर्स दबाव डाल रहे हैं.
आगे कैसी रहेगी बाजार की चाल?
मनीकंट्रोल के विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में आगे की तेजी के लिए निफ्टी को 25,900–26,000 के दायरे के ऊपर मजबूती से टिकना होगा. चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता और बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को अनुशासन बनाए रखना चाहिए और गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए. उनके मुताबिक, निफ्टी के 26,000 के ऊपर ठोस ब्रेकआउट के बाद ही नई खरीदारी करना बेहतर होगा, क्योंकि तभी बाजार की धारणा में स्पष्ट सुधार दिखेगा.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के आनंद जेम्स ने कहा कि आज निफ्टी 25,900 तक जा सकता है और 26,050 का स्तर भी टेस्ट कर सकता है, लेकिन इसके ऊपर तेजी टिकेगी या नहीं, इस पर संदेह है. इसलिए नीचे की ओर 25,728 का स्तर अहम रहेगा. सैमको सिक्योरिटीज के अनुसार, निफ्टी के लिए 25,700–25,660 तत्काल सपोर्ट है, जबकि 26,000–26,050 अगला रेजिस्टेंस जोन है. अगर निफ्टी 26,000 के ऊपर टिकता है, तो आगे और तेजी आ सकती है.
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