पिछले कुछ सालों में इस स्टॉक ने निवेशकों को चौंकाने वाला रिटर्न दिया है. पांच साल में 1200 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न के साथ यह स्टॉक मल्टीबैगर कैटेगरी में शामिल हो चुका है. यही वजह है कि कमजोर तिमाही नतीजों के बावजूद शेयर में खरीदारी देखने को मिली और निवेशकों ने लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा दिखाया.
मल्टीबैगर रिटर्न की कहानी
शांति एजुकेशनल इनिशिएटिव्स के शेयर ने पिछले एक साल में करीब 77 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जबकि छह महीने में 73 प्रतिशत और तीन महीने में 60 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई है. अगर पांच साल की बात करें, तो स्टॉक ने 1200 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न देकर इसे मल्टीबैगर बना दिया है. मई 2025 में 63.15 रुपये के 52 वीक लो से यह शेयर करीब 181 प्रतिशत ऊपर आ चुका है, जबकि दिसंबर 2025 के 200 रुपये के 52 वीक हाई से अभी भी करीब 11 प्रतिशत नीचे है.
कमजोर तिमाही नतीजों के बावजूद तेजी
कंपनी के Q3 FY26 नतीजे कमजोर रहे हैं. अक्टूबर से दिसंबर 2025 तिमाही में कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 582.53 लाख रुपये रहा, जो पिछले साल के 2054.91 लाख रुपये से करीब 71.6 प्रतिशत कम है. वहीं, कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट भी 51.41 लाख रुपये रहा, जो पिछले साल के 195 लाख रुपये से करीब 73.6 प्रतिशत कम है. इसके बावजूद शेयर में तेजी यह दिखाती है कि निवेशक कंपनी के लॉन्ग टर्म एजुकेशन बिजनेस मॉडल और ब्रांड वैल्यू पर भरोसा कर रहे हैं.
शेयरहोल्डिंग और निवेशकों का भरोसा
दिसंबर 2025 तक कंपनी में विदेशी संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी करीब 22.50 प्रतिशत रही, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी 0.16 प्रतिशत रही. संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी में मामूली बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि बड़े निवेशक भी इस छोटे कैप स्टॉक पर नजर रखे हुए हैं.
कंपनी का बिजनेस मॉडल
शांति एजुकेशनल इनिशिएटिव्स भारत में एजुकेशन सर्विसेज देती है, जिसमें K 12 स्कूल प्रोजेक्ट्स, प्री स्कूल नेटवर्क, एकेडमिक और ऑपरेशनल कंसल्टेंसी और डिजिटल लर्निंग सॉल्यूशंस शामिल हैं. कंपनी के प्रमुख ब्रांड शांति एशियाटिक स्कूल (Shanti Asiatic School), शांति जूनियर्स (Shanti Juniors) और शांति बिजनेस स्कूल (Shanti Business School) हैं, जो एजुकेशन सेक्टर में अपनी पहचान बना चुके हैं.
निवेशकों के लिए क्या संकेत
शांति एजुकेशनल इनिशिएटिव्स का शेयर कमजोर नतीजों के बावजूद तेजी दिखा रहा है, जो मल्टीबैगर स्टॉक की खासियत को दर्शाता है. हालांकि टॉपलाइन और प्रॉफिट में बड़ी गिरावट एक बड़ा रिस्क फैक्टर है, लेकिन लॉन्ग टर्म में एजुकेशन सेक्टर की ग्रोथ और कंपनी के ब्रांड नेटवर्क के कारण निवेशक इसमें संभावनाएं देख रहे हैं.
(Disclaimer: यहां बताए गया स्टॉक्स सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले एक्सपर्ट से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह की लाभ या हानि के लिए लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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