Architect Gauri Gautam Success Story: 24 साल की गौरी गौतम ने फरीदाबाद के किसानों से पराली और मशरूम की जड़ों से देश का पहला इको फ्रेंडली वॉल पैनल बनाई हैं, जो आग और पानी से सुरक्षित है. उनका स्टार्टअप माइसेलस यशोभूमि में प्रस्तुत किया गया. आइये जानते हैं इसके बारे में
इसी सोच से आर्किटेक्ट गौरी गौतम से बना दिया देश का पहला इको फ्रेंडली वॉल पैनल, जिसे किसानों से लेकर पराली और मशरूम की जड़ों से तैयार किया गया है. आर्किटेक्ट इंडस्ट्री में यह अनोखी खोज करके आर्किटेक्ट इंडस्ट्री में इसे लाने का काम गौरी गौतम ने किया है. जो कि फरीदाबाद की रहने वाली हैं और यशोभूमि में आयोजित स्टार्टअप के महाकुंभ में उन्होंने जब अपना स्टार्टअप लोगों के सामने पेश किया तो लोग इसे देखते रह गए.
आग और पानी से रहेगा सुरक्षित
गौरी गौतम ने बताया कि उनकी उम्र मात्र 24 साल है और 23 साल की उम्र में उन्होंने बिजनेस शुरू किया था. 2 साल नौकरी की थी, लेकिन वहां मन नहीं लगा. क्योंकि वह अपनी आर्किटेक्ट इंडस्ट्री को कुछ नया देना चाहती थी. जो पर्यावरण के लिए फायदेमंद हो. उन्होंने अपनी आर्किटेक्ट की पढ़ाई भी गुडगांव से की थी. वह कहती हैं कि उन्होंने देश में बढ़ते हुए प्रदूषण को देखा और पीवीसी और पीओपी पैनल में लगने वाली आग को देखा. तब उनको लगा कि कुछ ऐसा बनाना चाहिए. जो पर्यावरण को भी साफ रखे और आग और पानी से भी सुरक्षित हो.
इसके बाद उन्होंने फरीदाबाद के किसानों से पराली और मशरूम की जड़ों को लेकर के वॉल पैनल बनाई. यह वॉल पैनल बहुत ही हल्का है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इन्हें टेप से भी चिपकाया जा सकता है. इसमें आग नहीं लगेगी और यह पानी से भी सुरक्षित रहेगी. उन्होंने बताया कि फरीदाबाद में ही अपनी लैब को शुरू करके वहां पर इसकी जांच की थी. जहां तब पाया था कि यह एकदम सुरक्षित है और 2 महीने बाद वह इसे कमर्शियल करने वाली हैं.
सर्दियों में गर्म और गर्मियों में रहेगा ठंडा
गौरी गौतम ने बताया कि पराली और मशरूम से बने हुए इस वॉल पैनल की खासियत यह है कि यह मौसम के अनुरूप अपने आप को ढाल लेगा. यानी गर्मियों में ठंडा रहेगा और ठंडियों में गर्म रहेगा. यह कमरे के अंदर के तापमान को भी कम कर देगा. यही नहीं, बाहर के शोर शराबे को भी यह अंदर नहीं आने देगा. पराली और मशरूम से बनाये गए वॉल पैनल की बहुत सारी खासियत है. उन्होंने बताया कि इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा होगी. क्योंकि इसे पराली और मशरूम की जड़ों से बनाया गया है. 2000 रुपयें में 2/4 इस पैनल की कीमत रखी जाएगी. उन्होंने बताया कि उनके स्टार्टअप का नाम माइसेलस है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं. आर्किटेक्ट इंडस्ट्री में यह अनोखी खोज पहली बार की गई है.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें
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